
उदयपुर नगर निगम। फाइल फोटो- पत्रिका
उदयपुर। निगम चुनाव करीब है। भाजपा शहर में सत्ता कायम रखना चाहती है और कांग्रेस सेंध मारने के प्रयास में है। इसी को लेकर पिछले कुछ समय से कांग्रेस सक्रिय हो गई है। इसी के चलते शहर की समस्याओं को मुद्दा बनाकर गुरुवार को प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेस नेताओं पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
इस पर आक्रोश जताते हुए कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी, वहीं कांग्रेस नेत्रियों ने एसपी से मिलकर पुलिस व निगमकर्मियों पर आरोप लगाए। दो दिन के इस घटनाक्रम को यों समझिए कि शहर की समस्याएं किनारे और वार-पलटवार की राजनीति शुरू हो गई है।
शहर कांग्रेस ने नगर निगम में गुरुवार को प्रदर्शन करने के बाद आयुक्त को ज्ञापन दिया। इस दौरान हंगामे के मामले में कांग्रेस पदाधिकारियों की ओर से आयुक्त से बहस की गई। इस घटनाक्रम पर सूरजपोल थाना पुलिस ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज किया है।
एएसआई चन्द्रभान सिंह भाटी ने कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, पंकज शर्मा, नजमा मेवाफरोश, अरूण टांक व एक अन्य के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। रिपोर्ट में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आयुक्त के चैंबर में कुर्सी पर चढ़ने, तीखी नोकझोंक और राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने का जिक्र है। सूरजपोल थानाधिकारी रतनसिंह का कहना है कि मामला दर्ज किया गया है। घटनाक्रम से जुड़े वीडियो मंगवाकर जांच करेंगे। मौके पर मौजूद कर्मचारियों नेताओं के बयान भी दर्ज करेंगे।
निगम में शहर कांग्रेस नेताओं के धरने के बाद ज्ञापन देने आयुक्त अभिषेक खन्ना के ऑफिस में गए थे। जहां एक कार्यकर्ता कुर्सी पर चढ़ गया। इसको लेकर आयुक्त ने नाराजगी जताई थी। इसी को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान गुस्साए आयुक्त ने तीखे लहजे में आपत्ति जताई तो कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने कहा कि 'उंची आवाज में मत बोल...'। मौके के वीडियो में यह साफ सुना जा सकता है।
शहर कांग्रेस की ओर से शहर की समस्याओं को लेकर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया था। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ता जब निगम आयुक्त को ज्ञापन देने पहुंचे तब आयुक्त कार्यालय में नहीं थे। करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार कराने के बाद आयुक्त पहुंचे। कांग्रेसजन अनुमति के साथ उनके कक्ष में गए और ज्ञापन दिया।
इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों और आयुक्त के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पदाधिकारियों के विरुद्ध केस दर्ज कराना लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाने का प्रयास है। भाजपा नेताओं के इशारे पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करते हुए कांग्रेस को निशाना बनाया जा रहा है, जो प्रशासन की संकीर्ण मानसिकता है। कांग्रेस झूठे मुकदमों से डरने वाली नहीं है। कांग्रेस जनता के हक और आवाज की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। यदि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए जरुरत पड़ी तो जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
प्रशासन से प्रदर्शन की अनुमति ली थी। हम 3 घंटे तक आयुक्त का इंतजार कर रहे थे। ज्ञापन के दौरान फोटो लेने के लिए कार्यकर्ता कुर्सी पर चढ़ा तो आयुक्त आक्रोशित हो गए। कुछ देर बाद आयुक्त मान भी गए थे, अब यह केस राजनीतिक दबाव में दर्ज करवाया गया है। पुलिस भाजपा के दबाव में थे।
- फतेहसिंह राठौड़, जिलाध्यक्ष, शहर कांग्रेस
Updated on:
09 May 2026 08:16 pm
Published on:
09 May 2026 05:36 pm
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