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डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का बन सकेगा। इसके लिए लंबे समय से जिस स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा था, वह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को दे दी। गहलोत ने उदयपुर एयरपोर्ट के विकास एवं विस्तार के लिए अतिरिक्त 145 एकड़ भूमि निशुल्क उपलब्ध करवाने की मंजूरी दी है। भूमि के अधिग्रहण पर लगभग 83.50 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जो उदयपुर नगर विकास न्यास द्वारा वहन की जाएगी।
दरअसल, उदयपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए पहली जरूरत इसके रन-वे को बढ़ाना था। रनवे का विस्तार होने के साथ यहां बड़े विमान यानी एयरबस भी आसानी से उतर सकेंगे। इसके लिए अधिक भूमि की आवश्यकता थी जिसकी मांग सांसद से लेकर एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी आदि की ओर से पूर्व में की जा चुकी थी। अब इस स्वीकृति से उदयपुर एयरपोर्ट पर सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा, जिससे यात्रियों को सुगमता होगी। उक्त भूमि उदयपुर के वर्तमान एयरपोर्ट से संलग्न 4 गांवों डबोक, घणोली, टूस डांगीयान एवं भदेसर में स्थित है। निजी खातेदारी की यह भूमि अधिकांश रूप से नगर विकास न्यास, उदयपुर के पेराफेरी क्षेत्र में है।
नया इंटीग्रेटेड टर्मिनल भी जल्द
वहीं, महाराणा प्रताप एयरपोर्ट डबोक पर 887 करोड़ की लागत से 40 हजार वर्गमीटर में नया इंटीग्रेटेड टर्मिनल जल्द तैयार होगा। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के निर्देश पर निविदाएं आमंत्रित कर दी गई हैं। नया टर्मिनल बनने के बाद उदयपुर एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सभी मानक पर तैयार हो जाएंगे। वहीं, उदयपुर एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन विभाग का कार्यालय स्थापित करने के लिए सर्वे भी पूर्व में हो चुका है। ऐसे में हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय स्तर के सभी मापदण्ड पूरे करता है। सांसद सीपी जोशी उदयपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए कई बार मामला लोकसभा में उठा चुके हैं।
इनका कहना है...
उदयपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री ने 145 एकड़ भूमि अधिग्रहण की जो स्वीकृति दी है, उससे अब एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय स्तरीय बनने का रास्ता साफ हुआ है। इसके लिए हम लंबे समय से प्रयास कर रहे थे। एयरपोर्ट विस्तार के लिए केंद्र सरकार की ओर से लगभग एक हजार करोड़ की स्वीकृति भी मिल चुकी है। अब जो नई टर्मिनल बिल्डिंग बनेगी वो वर्तमान से 3 गुना बड़ी होगी। इसके लिए लगातार भूमि अधिग्रहण के प्रयास किए जा रहे थे। अब आर्थिक स्वीकृति मिल चुकी है तो काम भी जल्द शुरू हो जाएगा।
सीपी जोशी, सांसद चित्तौड़गढ़
एयरपोर्ट के लिए जो भूमि की स्वीकृति मिली है उससे रन-वे की दोनों तरफ की बाउंड्री चौड़ी हो सकेगी। साथ ही पेरेलल टैक्सी वे बनाया जाएगा, जो आम तौर पर बड़े एयरपोर्ट पर बने होते हैं। ये टैक्सी वे अभी उदयपुर एयरपोर्ट पर नहीं है। जब एयरपोर्ट की कैपिसिटी बढ़ जाएगी तो ज्यादा एयरक्राफ्ट्स भी आएंगे, ऐसे में इसके लिए टैक्सी वे बनाया जाना है। टैक्सी वे बनाने के लिए पहले हमारे पास भूमि नहीं थी। जबकि एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग के लिए भूमि पहले से है।
योगेश नगाइच, निदेशक, महाराणा प्रताप एयरपोर्ट, डबोक
Updated on:
26 Aug 2023 02:54 pm
Published on:
26 Aug 2023 02:52 pm
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