
उदयपुर। अक्सर देखा गया है कि टोल से गुजरने वाले वाहन चालकों से वहां के कार्मिकों द्वारा बदसलूकी की जाती है। कई बार बात मारपीट तक पहुंच जाती है। लेकिन टोल कर्मियों से उलझने की बजाय इसकी शिकायत भी की जा सकती है। साथ ही नेशनल हाइवे अथॉरिटी (एनएचएआई) की ओर से कर्मचारियों के लिए कुछ नियम बनाए हुए हैं। उनकी पालना नहीं होने पर भी शिकायत की जा सकती है।
बता दें कि कुछ स्थानों पर ये कर्मचारी छोटी-छोटी बातों पर उलझ जाते हैं। इसके चलते कई बार टोल नाकों पर मारपीट की नौबत के साथ ही वाहनों की कतार लग जाती है। इससे वहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी होती है। इस संबंध में पिछले दिनों नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने भी जागरूक कर एडवाइजरी जारी की थी।
बताया कि टोल बूथ पर फास्टैग काम न करने या किसी अन्य कारण से वाहन चालक एवं टोलकर्मियों के बीच बहस हो जाती है तो इसकी शिकायत एनएचएआई के टोल फ़्री नंबर 1033 एवं हेल्पलाइन नंबर 02672-252401, 252402 पर की जा सकती है।
ऐसे मामलों से निपटने के लिए एनएचएआई ने कुछ महीनों पहले निर्देश दिए थे। इसमें टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारियों को बॉडी कैमरा पहनना जरूरी है। इससे टोल पर होने वाली घटनाओं की रिकॉर्डिंग हो सके। अगर किसी टोल पर कोई टोलकर्मी बिना बॉडी कैमरा पहने दिखाई देता है तो शिकायत एनएचएआई में की जा सकती है। संभव होने पर ऐसे कर्मचारी की फोटो क्लिक कर लेनी चाहिए।
टोल नाकों से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन चालक को संबंधित टोल से क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाने के प्रावधान है तथा आपात स्थिति में नेशनल हाइवे अथॉरिटी द्वारा संबंधित वाहन चालक को दी जाने वाली सुविधाओं का विवरण फोन नंबर सहित अंकित कर लगाया जाना चाहिए। वाहन चालकों को टोल पर अनावश्यक अधिकतम कितने समय तक नहीं निकाला जाने पर टोल में छूट प्राप्त करने का क्या अधिकार है तथा अन्य अधिकार एवं टोल क्षेत्र में पड़ने वाले थाने के नंबर भी अंकित किए जाने चाहिए।
चमन सिंह राव, संभागीय सचिव, राजस्थान पुलिस एसोसिएशन, उदयपुर संभाग
Updated on:
30 Aug 2024 04:54 pm
Published on:
30 Aug 2024 04:51 pm
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