
कोर्ट कमिश्नर को ही उल्लू बनाने चला था उदयपुर का ये वार्ड बॉय, पूछा स्ट्रेचर और व्हील चेयर कहां है? बोला- मरीज ले गए…
भुवनेश पण्ड्या / उदयपुर . संभाग का सबसे बड़ा महाराणा भूपाल चिकित्सालय मरीजों को ठीक करने के बजाय तिमारदारों को भी बीमार कर रहा है। यहां एक भी वार्ड ऐसा नहीं है, जहां मरीजों को पूरी तरह साधन सुविधा उपलब्ध हो। स्ट्रेचर, व्हील चेयर से लेकर बेड तक के हालात खराब है। लेट-बाथ तो पूरी तरह गंदगी से अटे पड़े हैं। इतना ही नहीं किसी भी वार्ड में पीने का पानी नहीं है। तिमारदार इमरजेंसी के बाहर लगी प्याऊ या आरओ से पैसा देकर पानी खरीद रहे हैं।
अस्पताल की अव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को जब कोर्ट कमिश्नर हेमंत जोशी, पीटिश्नर अशोक सिंघवी ने दौरा किया तो वे खुद वार्डों के हालात देख चौंक पड़े। छह माह पूर्व दायर याचिका पर कोर्ट कमिश्नर ने अब तक चार से पांच बार निरीक्षण किया, लेकिन हालात सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ते ही गए। दौरे के दौरान नर्सिंग अधीक्षक लक्ष्मी लाल वीरवाल मौजूद थे।
18 वार्डों का दौरा, कहीं भी व्यवस्था सही नहीं
-निरीक्षण के दौरान अधिकांश वार्डों में व्हील चेयर व स्ट्रेचर नहीं मिले। वार्ड-1 में पूछने पर बताया कि दो स्ट्रेचर व दो व्हील चेयर व एक वार्ड ब्वाय है। मौके पर जब एक भी नहीं मिला तो गुमराह करते हुए जवाब देते रहे कि मरीज को लेकर इधर-उधर गए है।
-कई वार्डों के बाहर तिमारदार स्वयं मरीजों को जांच के लिए ले जाते दिखे। वे स्वयं भी व्हील चेयर व स्ट्रेचर खींच रहे थे।
-किसी भी वार्ड या उसके बाहर पीने के पानी की सुविधा नहीं थी। पूरे अस्पताल परिसर में महज इमरजेंसी के बाहर लगी प्याऊ व आरओ प्लांट पर लोग कतारों से पानी ले रहे थे तो कुछ बोतलबंद केंटिन से खरीद रहे थे।
-वार्ड के बाहर बने लेट-बाथ की हालत काफी खराब थी। सभी जगह पानी का रिसाव हो रहा था।
आर्थोपेडिक वार्ड में इलाज के साथ ही सारा सारा कूड़ा करकट वहीं पर एक कोने में डालकर ढेर लगा रखा था।
-पूरे अस्पताल में कचरे की ट्रोलियां गंदगी से अटी पड़ी थी।
-कुछ वार्डों में बेड की हालत टूटी फूटी थी।
Updated on:
30 May 2018 01:39 pm
Published on:
30 May 2018 01:37 pm
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