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उदयपुर तक बढ़ सकती हैं मुंबई-अहमदाबाद सहित कई ट्रेनें, रेलवे राजस्व में होगा इजाफा

उदयपुर से धनबाद के लिए नई ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जो वाया पारसनाथ और सम्मेद शिखर जैसे प्रमुख जैन तीर्थ स्थलों से होकर गुजरे। इससे जैन धर्मावलंबियों सहित अन्य यात्रियों को सुविधा मिलेगी। वहीं, रतलाम-उदयपुर-रतलाम एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 19327/19328), जो रात 11.35 बजे उदयपुर पहुंचती है और रात 1.35 बजे रतलाम के लिए रवाना होती है, उसमें यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। सुझाव दिया गया है कि इस ट्रेन का प्रस्थान समय सुबह 6 बजे किया जाए और इसे भोपाल तक बढ़ाया जाए, जिससे उज्जैन जैसे प्रमुख तीर्थ स्थल का भी जुड़ाव हो सके।

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इससे न केवल रेलवे को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। साथ ही, उदयपुर के पर्यटन विकास को भी नई गति मिल सकती है।

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यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा

उदयपुर. अहमदाबाद में लंबे समय तक खड़ी रहने वाली ट्रेनों का विस्तार उदयपुर तक किए जाने की मांग उठी है। इससे न केवल रेलवे को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। साथ ही, उदयपुर के पर्यटन विकास को भी नई गति मिल सकती है। जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 22927-22928 लोकशक्ति एक्सप्रेस प्रतिदिन मुंबई-अहमदाबाद-मुंबई के बीच संचालित होती है। यह ट्रेन सुबह 4.20 बजे अहमदाबाद पहुंचती है और रात 8.45 बजे मुंबई के लिए रवाना होती है, यानी लगभग 16 घंटे तक वहीं खड़ी रहती है।

इसी प्रकार, गाड़ी संख्या 12901-12902 गुजरात मेल एक्सप्रेस भी प्रतिदिन मुंबई-अहमदाबाद-मुंबई के बीच चलती है। यह सुबह 5.50 बजे अहमदाबाद पहुंचती है और रात 10.50 बजे मुंबई के लिए प्रस्थान करती है, जिससे यह ट्रेन करीब 17 घंटे तक अहमदाबाद में खड़ी रहती है। ऐसे में इन ट्रेनों का विस्तार उदयपुर तक किए जाने से मेवाड़-वागड़ क्षेत्र की जनता को सीधा लाभ मिल सकता है।

सांसद को भेजा प्रस्ताव

इस संबंध में शहर के सुरेश डवारा ने सांसद मन्नालाल रावत को पत्र लिखकर ट्रेनों के विस्तार की मांग की है। उनका कहना है कि इससे रेलवे को अतिरिक्त आय होगी और यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा विकल्प मिलेंगे।

मैसूर एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग

उदयपुर-मैसूर-उदयपुर (गाड़ी संख्या 19667-19668) वर्तमान में सप्ताह में एक दिन वाया चित्तौड़गढ़ संचालित होती है। मांग की गई है कि इसे प्रतिदिन चलाया जाए। इसके अलावा, उदयपुर-मुंबई-उदयपुर के बीच प्रतिदिन एक अमृत भारत ट्रेन शुरू करने का सुझाव भी दिया गया है।

इन ट्रेनों से बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन

उदयपुर से धनबाद के लिए नई ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जो वाया पारसनाथ और सम्मेद शिखर जैसे प्रमुख जैन तीर्थ स्थलों से होकर गुजरे। इससे जैन धर्मावलंबियों सहित अन्य यात्रियों को सुविधा मिलेगी। वहीं, रतलाम-उदयपुर-रतलाम एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 19327/19328), जो रात 11.35 बजे उदयपुर पहुंचती है और रात 1.35 बजे रतलाम के लिए रवाना होती है, उसमें यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। सुझाव दिया गया है कि इस ट्रेन का प्रस्थान समय सुबह 6 बजे किया जाए और इसे भोपाल तक बढ़ाया जाए, जिससे उज्जैन जैसे प्रमुख तीर्थ स्थल का भी जुड़ाव हो सके।

पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

यदि इन प्रस्तावों पर अमल होता है, तो उदयपुर की रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा। साथ ही, नए क्षेत्रों के जुड़ने से पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिल सकेगी।