
उदयपुर . महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत शुक्रवार को विवेकानंद सभागार में हुआ। राज्यपाल कल्याण सिंह ने 38 विद्यार्थियों को गोल्ड मैडल प्रदान किया। इसमें 13 यूजी, 17 पीजी व 4 पीएचडी के विद्यार्थी शामिल है। साथ ही 588 यूजी, 137 पीजी व 67 को पीएचडी की उपाधि भी प्रदान की गई। इस अवसर पर राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा कि वैज्ञानिकों को पैदावार बढ़ाने तक ही सीमित नहीं होना चाहिए। जब तक किसानों को पूरा मूल्य नहीं मिलेगा तब तक इसका कोई महत्व नहीं है। अधिक उत्पादन पर सब्जियॉ फैकनी पड़ती है। इस समस्या का समाधान करना होगा। हमे संतुलन करना होगा। विवि सरकार के सामंजस्य से इस संबंध में काम करे। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों को कृषि में नए प्रयोग करने होंगे। कृषि में नवीन प्रयोगो से सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। दक्षिणी राजस्थान में समन्वित कृषि पद्धति से खेती के विकास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों को पानी की बचत के लिए शोध करने होंगे। शिक्षा में गुणवत्ता पर जोर देना होगा। जलवायु परिवर्तन को विवि के पाठ्यक्रमों में शामिल करने की आवश्यकता है। उन्होंने पशुधन और आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने की बात कही। गोल्ड मेडल पाने वालों में बेटियों की संख्या अधिक थी। राज्यपाल सिंह को गाय प्रतीक में गई।
गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने किसानों की आमदनी दोगुनी करनी की बात कही। आजादी के इतने सालों बाद भी किसानो की आर्थिक स्थिति नहीं बदली तो यह बड़ी चुनौती है। कटारिया ने कृषि को शक्तिशाली व व्यावसायिक बनाने की बात कही। किसानों, आमजन के सहयोगी बनने एवं मैडल प्राप्त करने वालो बधाई दी।
समारोह में कुलपति प्रोफेसर उमाशंकर शर्मा, रजिस्ट्रार प्रियंका जोधावत, विद्यापीठ डीम्ड विवि कुलपति प्रोफेसर एसएस सारंगदेवोत सहित बड़ी संख्या में विवि के प्रोफेसर्स, छात्र उपस्थित थे।
Published on:
22 Dec 2017 02:53 pm
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