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निगम की आंखें बंद, कार्रवाई करे तो यहां से छलक सकता है खजाना

निगम की आंखें बंद, कार्रवाई करे तो यहां से छलक सकता है खजाना

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मोहम्मद इलियास/उदयपुर

शहर के मास्टर प्लान में कई कॉलोनियां ऐसी है जो कॉमर्शियल हैं, जिन्हें कंनवर्ट करते ही नगर निगम का खजाना छलकने के साथ कई लोगों को सीधा फायदा होगा, लेकिन कुछ इलाके ऐसे भी हैं। जिन्हें आवासीय होते हुए भी लोगों ने दुकानें खोलकर जबरन कॉमर्शियल बना दिया। इन इलाकों में कार्रवाई करने वाला कोई नहीं।

निगम ने मास्टर प्लान में कॉमर्शियल इलाकों में जहां व्यावसायिक गतिविधियां हो रही है, उन्हें नोटिस थमाया है। नगर निगम सीमा क्षेत्र के कई इलाके ऐसे हैं, जो मास्टर प्लान में कॉमर्शियल घोषित हैं। इन इलाकों के लोग बेटरमेंट लेवी जमा करवाकर अपने क्षेत्र को कॉमर्शियल करवा सकते हैं। ऐसा करने से उनके परिसर की कीमत बढ़ेगी और बैंक लॉन व अन्य कार्यों में सीधा फायदा होगा।

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यह इलाके है, जहां हो सकती है कामर्शियल कॉलोनियां

- अशोकनगर मेन रोड

- सेवाश्रम से प्रतापनगर कॉलोनी

- हिरणमगरी मेनारिया गेस्ट हाउस वाले छोर तक

- हिरणमगरी मेनारिया गेस्ट हाउस में दूसरे छोर के कुछ इलाके

- अम्बामाता महाकालेश्वर चौराहे से मल्लातलाई तक

- गोवद्र्धनविलास क्षेत्र का कुछ एरिया

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इन इलाके में शुरू हो गई कॉमर्शियल गतिविधि

- शक्तिनगर इलाका - इस आवासीय कॉलोनी में नगर निगम ने नाले को सही करवाया तो यहां पर हर घर में दुकानें खुल गई। यह क्षेत्र मिनी बापू बाजार बन गया। इस इलाके में सडक़ को लोगों व व्यापारियों ने पार्किंग बना दिया।

- हिरण मगरी व भूपालपुरा का कुछ इलाका - हिरणमगरी का कई इलाका ऐसा है, जहां आवासीय इलाकों में कई लोगों ने दुकानें खोल ली।

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शहर कोट के इलाके में भी ले सकते हैं स्वीकृति

शहर कोट में बने भवन में 20 फीट ग्राउंड फ्लोर तक भी कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए कई आवेदन कर सकते हैं। इसमें शहर के अंदरुनी इलाके घंटाघर, सूरजपोल व हाथीपोल सहित कई इलाके आ रहे हैं।

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जहां भी मास्टर प्लान में कॉमर्शियल क्षेत्र अप्रूव्ड रोड है, उस पर व्यवसायिक गतिविधियां कर रहे हैं तो स्वत: ही चलकर आएं और बेटरमेंट लेवी जमा करवाकर व्यवसायिक रूप से कनवर्ट करवाएं। इससे प्रोपर्टी की वेल्यू बढ़ेगी और बैंक से ऋण लेने में भी आसानी रहेगी। निगम की भी आय बढ़ेगी।

आशीष कोठारी, अध्यक्ष, भवन निर्माण समिति

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