
court Decision in tampering case
उदयपुर/सलूम्बर. पीहर जाने के विवाद के बाद पुत्रवधू को केरोसिन उड़ेलकर जिंदा जलाने वाले आरोपी सास-ससुर को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई। गत 7 जुलाई 2017 को मंजू मीणा ने झाड़ोल चिकित्सालय में पुलिस को अपने ससुर कल्लाजी मगरी गातोड़ सराड़ा निवासी मावा पुत्र देवाजी मीणा व सास भंवरी मीणा के खिलाफ मृत्यु पूर्व जिंदा जलाने का आरोप लगाते हुए बयान दिए। पीडि़ता ने बताया था कि सास-ससुर को उसने पीहर जाने के लिए बोला तो उन्होंने मना कर दिया। बोलचाल होने पर सास ने उस पर अवैध संबंधों के आरोप लगाते हुए अपशब्द कहे। बात बढऩे पर ससुर ने आवेश में आकर उस पर केरोसिन उंडेल दिया तथा सास ने माचिस की तिली लगाकर आग लगा दी। घटना के समय पति बांसवाड़ा में मजदूरी के लिए गया हुआ था। बयानों के कुछ समय बाद ही उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी सास-ससुर को गिरफ्तार किया। आरोप सिद्ध होने पर अपर सेशन न्यायालय के पीठासीन अधिकारी राकेश रामावत ने आरोपियों को धारा 302/34 में आजीवन कारावास (उनके जीवित रहने तक) एवं 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
Published on:
21 Nov 2018 07:33 pm
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