
उदयपुर का ये कॉलेज तराश रहा है स्टार्टअप के हीरे, दो वर्षों में 11 युवाओं ने शुरू किया स्टार्टअप
उदयपुर महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का संघटक कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग (सीटीएइ) युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में नवाचार का माहौल दे रहा है। परिणामत: युवा भी पूरी मेहनत से स्टार्टअप कर अपनी प्रतिभा का लोहा भी मनवा रहे हैं। सीटीएई के फार्म एवं मशीनरी विभागाध्यक्ष प्रो. एसएम माथुर के अनुसार पिछले दो वर्षों में कैम्पस से 11 स्टार्टअप हो चुके हैं।
इन स्टार्टअप को विभिन्न प्रदशर्नियों में राष्ट्रीय स्तर के अवार्ड के अलावा सरकार से अनुदान भी मिल चुका है। यह सब संभव हुआ है सीटीएई में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए संचालित पांच केन्द्रों की वजह से, जिनमें न सिर्फ आपके आइडिया को सुना जाता है बल्कि उसे मूर्तरूप देने के लिए तकनीकी से लेकर आर्थिक सहायता व आइडिया के उत्पाद को बाजार में उतारने तक मदद की जाती है। स्टार्टअप कृषि, मेडिकल, सोशल इनोवेशन, शिक्षा के क्षेत्र में शुरू हुए हैं।
‘क्वीनचिट’ को टॉप 400 में जगह
मूल रू प से पश्चिमी बंगाल के रहने वाले शुभोजित राय के स्टार्टअप ‘क्वीनचिट’ को डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने 15 हजार स्टार्टअप में से देश के टॉप 400 में जगह दी। आइआइएम कोलकाता में इनोवेशन पार्क में इनके द्वारा तैयार वॉटर प्यूरीफायर को खूब सराहा गया। शुभोजित ने बताया कि उनकी बनाई मशीन से मात्र 2 से अधिकतम 10 प्रतिशत पानी ही वेस्ट होता है। जबकि वर्तमान में संचालित मशीन में 30 से 35 प्रतिशत तक पानी व्यर्थ हो जाता है। इसमें ऑटो टीडीएस एडजस्टमेंट है। शुभोजित के स्टार्टअप को प्रीज्म के तहत चयन किया गया है।
बढ़ रही युवाओं की भूमिका
आमतौर पर मंच व सही मार्गदर्शन के अभाव में स्टार्टअप सपना बनकर रह जाता है, लेकिन सीटीएई में संचालित विभिन्न केन्द्र युवाओं को प्रोत्साहित करने में रत है। इसमें टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेशन सेन्टर (टीबीआइसी), एक्सीलेटर प्रोग्राम, न्यू जनरेशन इनोवेशन इन्टरप्रेन्योरशिप डवलपमेंट सेन्टर (आइआइडीसी), प्रिज्म व टेक्निकल एज्यूकेशन क्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोगाम 3 स्टूडेंट स्टार्टअप (टेक्यूप) शामिल है।
1. टीबीआइसी - इन्क्यूबेशन सेंटर पर योजना को स्टार्टअप में बदलने की मदद की जाती है। स्पोन्सर, मार्केटिंग, ऑफिस एरिया देने में मदद करते हैं। वर्तमान में 11 स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं। सीटीएई का छात्र होना अनिवार्य नहीं है।
2. एक्सीलेटर प्रोग्राम - इसके तहत टीबीआइसी के स्टार्टअप को आगे बढ़ाया जाता है। स्टार्टअप को इंडस्ट्रीज से जोड़ते हैं व तकनीकी सहायता देते हैं।
3. आइआइडीसी - यह सीटीएई के छात्रों के लिए विशेष योजना है। चयनित विद्यार्थियों को 2.50 लाख रुपए प्रति विद्यार्थी इनोवेशन के लिए दिए जाते हैं। गत वर्ष कॉलेज के 10 छात्रों को यह राशि मिली थी। इस वर्ष 40 विद्यार्थियों का चयन हुआ है।
4. प्रीज्म - इसमें स्टार्टअप के तहत शुरू हुए प्रोजेक्ट के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च में चयन होने पर अधिकतम 20 लाख तक का अनुदान मिलता है। इसमें से 15 ने स्वयं का रोजगार भी शुरू किया है। इस योजना का लाभ कोई भी व्यक्ति ले सकता है। उम्र व शिक्षा की कोई पाबंदी नहीं है।
5. टेक्यूप - इसके तहत सीटीएई के स्टूडेंट को इनोवेशन करने के लिए आर्थिक व तकनीकी सहायता दी जाती है। अगर कोई छात्र देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाली कॉन्फ्रेंस, सेमिनार में जाना चाहता है तो उसे इसके माध्यम से भेजा जाता है।
Published on:
18 May 2018 05:01 pm
