
शुभम कड़ेला/उदयपुर. आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया ने जहां लोगों को करीब लाकर संवाद और संपर्क को आसान बना दिया। वहीं, इसी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अब साइबर ठग बेरोजगार युवाओं को फंसाने के लिए कर रहे है। जहां युवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर 'वर्क फ्रॉम होम' और 'इंस्टेंट इनकम' जैसे झूठे ऑफर्स का लालच देकर साइबर ठग बेहद चालाकी से अपना शिकार बना रहे है। थोड़े पैसों का लालच देकर इन युवाओं को ठग सबसे पहले इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संपर्क करते है। फिर टेलीग्राम ऐप पर शिफ्ट होकर आगे की बात करते है। जहां उनका मोबाइल नंबर शो नहीं होता व प्रोफाइल भी झूठी होती है। वहां वे कहते है कि- सिर्फ ये कुछ टास्क करो और पैसे कमाओ। यहां ये पोस्ट को लाइक करने, पेज या आइडी को फॉलो करने व किसी लोकेशन को रेटिंग देने का कहते है। शुरू में वे 200-300 रुपए जैसे छोटे अमाउंट सीधे खाते में डाल देते है, जिससे भरोसा बने। फिर धीरे-धीरे उनसे निवेश के नाम पर रकम ऐंठ ली जाती है। जब तक शिकार को सच्चाई का अहसास होता है, तब तक ठग ब्लॉक कर चुके होते है और सभी रास्ते बंद हो चुके होते है।
1. सोशल मीडिया पर संपर्क
2. टेलीग्राम पर शिफ्ट होकर टास्क देना
3. स्क्रीनशॉट मांगना
4. 150 से 200 रुपए ट्रांसफर कर विश्वास बनाना
5. फिर Ò500 दो तो 750 मिलेगाÓ जैसे ऑफर
6. धीरे-धीरे निवेश की राशि बढ़ाना
7. अंत में ब्लॉक कर देना
-कोई भी ऑफर जो 'कम काम में ज्यादा पैसे' का वादा करे, वह संदिग्ध होता है।
-सोशल मीडिया के जरिए मिले अनजान लिंक, ऐप और ग्रुप में शामिल होने से बचें।
-कभी भी पहले पैसे न दें, खासकर जब सामने वाला व्यक्ति अज्ञात हो।
-साइबर क्राइम की शिकायत www.cybercrime.gov.in पर करें।
-अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को ऐसे जालसाज तरीकों की जानकारी दें।
कई बार युवा ठगी का शिकार होकर मानसिक रूप से टूट जाते है। जो परिवार से झूठ बोलकर पैसे उधार लेते है और जब सच्चाई सामने आती है, तो डिप्रेशन में चले जाते है। कुछ मामलों में आत्महत्या की घटनाएं भी सामने आई है।
Updated on:
24 Apr 2025 05:55 pm
Published on:
24 Apr 2025 05:55 pm
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