उदयपुर . एटीएम कार्ड चोरी, हैक या अन्य तरह की धोखाधड़ी कर उचक्के मालामाल हो रहे हैं, वहीं बैंक व पुलिस प्रशासन बेपरवाह बने हुए हैं। अधिकतर मामलों में बैंक में तकनीकी खामी सामने आ रही है लेकिन बैंक पुलिस पर मामला डाल कर कोई कार्रवाई नहीं रहे है।
हालांकि आरबीआई का स्पष्ट नियम है कि तकनीकी खामी पर बैंक ही पूरी तरह से जिम्मेदार है, इसमें ग्राहक का दायित्व जीरो है। बैंक को वारदात होते ही अपने इंटरनल ऑडिटर सूचना देनी होती है ताकि ऐसे मामलों में तफ्तीश कर उन्हें रोकथाम पर काम किया जा सके लेकिन बैंक की लापरवाही के कारण यह मामले दिनोंदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। इधर, पुलिस धोखाधड़ी के इन मामलों में महज परिवाद व प्राथमिकी दर्ज करने तक सीमित हो गई।
अम्बामाता थाना पुलिस ने हाल ही एन्थ्रोपॉलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त हुए वृद्ध दम्पती नंदाविला निवासी दिलीप नंदा व उनकी पत्नी मन्दिरा के साथ धोखाधड़ी के मामले में आरबीआई के नियमों का हवाला देते हुए कुछ जानकारी मांगी तो उन्होंने गोलमाल जवाब देकर टाल दिया। गौरतलब है कि उचक्कों ने दम्पती का गत 13 अक्टूबर को ट्रेन से बैग पार कर लिया था। बैग में सात एटीएम थे, उनमें से कैनरा बैंक के एटीएम से करीब 47 हजार रुपए की राशि निकाल ली थी।