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जहां थी बेबसी, वहां गूंजी शहनाइयां, अनाथ मूकबधिर को मिला जीवन साथी, उदयपुर प्रशासन ने बेटी बना नारी निकेतन से किया विदा

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जहां थी बेबसी, वहां गूंजी शहनाइयां, अनाथ मूकबधिर को मिला जीवन साथी

उदयपुर. नारी निकेतन में बेबस महिलाओं की पीड़ा के बीच बुधवार को शहनाइयां गूंजी। पिछले सात साल से यहां पली-बढ़ी मूकबधिर सपना को प्रशासन ने बेटी समान विदा किया। अब सपना गुरुवार को जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह में राजगढ़ अलवर के श्रवण के साथ परिणय सूत्र में बंधेंगी। उदयपुर में सपना की विदाई के दौरान जिला प्रशासन व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने राजकीय बालिका गृह में विभिन्न रस्मों की अदायगी पूरे रीति-रिवाज के साथ की। दोपहर को मेहंदी रस्म के साथ मायरे, आशीर्वाद समारोह हुआ। महापौर, कलक्टर व एसपी के अलावा कई विभागों के अधिकारी आशीर्वाद देने पहुुंचे।


विभाग की ओर से दिए उपहार

विभागीय अधिकारियों ने सपना को उपहार एवं आशीर्वाद स्वरूप राशि भेंट की। विभाग की ओर से सपना को ज्यूसर-मिक्सर, डिनर सेट, बर्तन सेट, वस्त्र, वर-वधू के लिए घड़ी सेट, सोने का मंगलसूत्र, 11 हजार का चैक आदि उपहार स्वरूप दिए तो रोटरी क्लब की ओर से गृहस्थ जीवन में रोजमर्रा के लिए उपयोगी वस्तुएं, बर्तन इत्यादि भेंट किए गए।

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भट्ट ने रोशन किया नाम

उदयपुर. भारत सरकार के कराटे एसोसएशन ऑफ इंडिया की ओर से वुमन सेल्फ डिफेंस एकेडमी सेक्टर थ्री में बुधवार हुई परीक्षा में अमेय भट्ट ने ब्लैक बेल्ट हासिल कर उदयपुर का गौरव बढ़ाया है। 19 वर्षीय अमेय फिलहाल जयपुर में रहकर अंग्रेजी में स्नातक कर रहा है। अमेय ने बताया कि कराटे की चार स्टाइल में से शितोरियों में शोदान ब्लैक बेल्ट लिया है। अमेय जब छह साल का था, तब से कराटे सीख रहा है। बकौल अमेय बांसवाड़ा से कराटे सीखने की शुरुआत हुई। तब उसके पापा आशुतोष भट्ट कॉपरेटिव में अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। हालांकि इसके बाद उसने अपनाये सिलसिला तोड़ा नहीं। वह लगातार इस विधा में अपनी मेहनत करता रहा, इससे जुड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेता रहा है। अमेय इससे पहले इंटरनेशनल जूनियर में रजत व कांस्य पदक प्राप्त कर चुका है। इसे लेकर परिजन बेहद खुश है। मां ऋतु भट्ट इसे इससे भी ऊंचे पायदान पर देखना चाहती है। दो घंटा नियमित कराटे का अभ्यास करने वाला अमेय खूब मेहनत करता है। गुरु आशीष शर्मा को अपना आदर्श मानता है। वह चाहता है कि उस स्तर पर पहुंच जाऊ कि फिल्म अभिनेता और कराटे स्टार जैकी चेन से वह पुरस्कार ले सकूं।