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राजस्थान के इतिहास से दुनिया लेती है प्रेरणा, इससे छेड़छाड़ ठीक नहीं – दिलबागसिंह

इतिहास के तथ्य विचारधार से प्रेरित होकर बच्चों के पाठ्यक्रम में नहीं परोसें, जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय के सेंटर फोर हिस्टोरिकल स्टडीज के पूर्व अध्यक्ष प्रो दिलबाग सिंह बोले
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उदयपुर

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chandan deora

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Updated: 4 Oct 2019, 1:18 PM IST

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चंदनसिंह देवड़ा/उदयपुर.जाने माने इतिहासकार और जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय के सेंटर फोर हिस्टोरिकल स्टडीज के पूर्व अध्यक्ष प्रो दिलबाग सिंह ने का कहना है कि राजस्थान के इतिहास ने दुनिया को प्रेरणा दी और आज विचारधारा से प्रेरित होकर इसमें छेड़छाड़ करना भावी पीढ़ी के साथ धोखा है। उदयपुर आए सिंह ने पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि एक ही इतिहास को एक पीढ़ी अलग और दूसरी पीढ़ी अलग पढ़ेगी तो यह ठीक नहीं होगा। इतिहास गलतियों से सबक लेना सीखाता है और कामयाबी की राह बताता है। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल युग में सोश्यल मीडिया पर भी कई एेसे इतिहास से जुड़े कंटेन उपलब्ध हो रहे है जिनकी सत्यता का किसी को पता ही नहंी हे एेसे में सरकार को चाहिए कि वह इतिहास से जुड़ी चिजों को गंभीरता से लेवे और एक प्लेटफार्म एेसा बनाएं जहां से फिल्टर होने के बाद एेसी चीजें आमजन में जाएं।

प्राइमरी से ही बताएं इतिहास....

सिंह ने कहा कि प्राइमरी लेवल से ही बच्चों को इतिहास से जुड़ी बाते पढ़ानी चाहिए। सरकारों को मूल इतिहास को महत्व देना चाहिए। इतिहासकारों में भी मतविभाजन है लेकिन आजादी और उससे पहले के सभी महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों को महत्व देना चाहिए।होने लगा खूब रिसर्च सिंह ने बताया कि देशभर से उनके पास रिसर्च स्कोलर आते है जिन्हे वह राजस्थान के इति