
उदयपुर . रोशनी पर्व दीपावली पर आतिशबाजी भी जीएसटी का शिकार हो गई। जीएसटी से पटाखों पर 20 फीसदी अतिरिक्त भार बढ़ गया है। इधर, पटाखों पर लगी जीएसटी के बावजूद पटाखा छोडऩे वालों का उत्साह कम नहीं हुआ है।नोटबंदी और जीएसटी के बाद आए पहले दीपोत्सव पर कई वस्तुओं के दाम बढऩे से आमजन पर अतिरिक्त भार पड़ा है। दीपावली पर आतिशबाजी का खासा रुझान रहता है। हालांकि प्रतिवर्ष दीपावली से 15 दिन पूर्व ही पटाखों की खरीद शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार पटाखों की खरीदारी कुछ ही दिन पूर्व शुरू हो पाई। जिन पटाखा व्यवसायियों का चेहरा बिक्री नहीं होने के चलते उतरा हुआ था, वह अब चमकने लगा है। दुकानदारों का यह भी कहना है कि आतिशबाजी पर जीएसटी से पहले 14.5 फीसदी टैक्स था, जो अब 28 फीसदी हो चुका है। कुछ व्यवसायियों का कहना है कि इस बार 20 से 30 प्रतिशत के लगभग व्यापार कम होगा।
पड़ेगा जीएसटी का असर
पटाखा व्यवसायी लोकेश लालवानी ने बताया कि प्रतिवर्ष दीपावली से पंद्रह से बीस दिन पूर्व ही पटाखा व्यवसाय शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार अब तक त्योहारी ग्राहकी शुरू नहीं हुई है। जीएसटी के चलते इस बार 20 से 30 प्रतिशत व्यवसाय कम होने की आशंका है।
पर्व के साथ ही आएगा बूम
पवन लालवानी ने बताया कि अब तक ग्राहकी कम रहने से व्यवसायियों को पर्व शुरू होने के साथ ही बूम आने की उम्मीद है। ऐसे में कह नहीं सकते कि जीएसटी का असर इस व्यवसाय पर कितना पड़ेगा।
बुकिंग हुई कम
आशुतोष शर्मा ने बताया कि मांगलिक पर्वों और दीपावली के पर्व पर कई ग्राहक पहले ही बुकिंग करवा देते हैं लेकिन इस बार बुकिंग काफी कम हुई है। लोगों का रुझान अब तक पटाखों की खरीद के प्रति कम ही दिखाई दे रहा है।
Published on:
16 Oct 2017 07:05 pm
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