
रोशनी पर्व दीपावली को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। पर्व की तैयारियों को लेकर बाजार सजने लगे हैं। शहर में दुकानें व शोरूमों पर सजावट की जा रही है। बाजारों में त्योहार की रौनक दिखने लगी है। व्यवसायी नवम्बर के शुरू में अच्छी ब्रिक्री होने की उम्मीद कर रहे हैं।

पटाखा व्यवसायी कई नए आकर्षक पटाखे लाए हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी वर्ग के लिए विशेष पटाखे व इको फ्रेंडली पटाखे बाजार में मौजूद हैं। इसमें टावर अनार, रेलवे सिग्नल अनार, कलर चेंजिंग बटरफ्लाई, कोठी, इको फ्रेंडली फूलछड़ी, मैजिक विप क्रेकलिंग आदि प्रमुख हैं।

शिया फायर के लोकेश लालवानी ने बताया कि इस बार बच्चों के लिए विशेष कलर चेंजिंग बटर फ्लाई चार रंग बिखेरेगी। रिंगकेक गन में विशेष प्रकार की टिकड़ी लगेगी, जो बच्चों के लिए सुरक्षित है। इसकी खासियत यह है कि यह आठ राउंड फायर एक साथ हो सकती है। टीवी टावर अनार ऊंचाई तक टावर के रूप में जाएगा। रेलवे सिग्नल अनार से रेलवे सिग्नल की तरह लाल व हरे रंग की रोशनी निकलेगी। इस बार बुर्ज खलिफा नाम का विशेष पटाखा है, जिसे छोड़ते वक्त जमीन पर तो तोप छूटने जैसी आवाज होगी और करीब 550 फीट ऊपर आसमान में जाकर संतरंगी छटा बिखेरेगा। उन्होंने बताया कि इस बार कंपनी ने गिफ्ट पैकेट बनाए हैं जिसमें 12 प्रकार के आइटम हैं।

रामा फायर के पवन लालवानी ने बताया कि बच्चों के लिए विशेष पटाखे व जमीन चक्र आए हैं जिसमें टिंस, लोटो जमीन चक्र प्रमुख हैं। इनकी खासियत यह है कि इनको जलाने पर ये घूमते हुए लट्टू की तरह दिखाई देंगे। फ्लाईविल पटाखा ६ फीट ऊंचाई पर जाकर गोल घूमता हुआ रोशनी बिखेरेगा। वंडर पोप अनार से स्टार बनेंगे। ये सभी पटाखे व अनार कम आवाज वाले हैं, लेकिन रंग व रोशनी ज्यादा बिखेरेंगे। शर्मा फायर के आशुतोष शर्मा ने बताया कि इस बार किड्स च्वाइस (छोटी अनार) विशेष है। इसमें पांच कलर में जोक विल्स जमीन चक्र तीन बार घूमेगा व सिल्वर कलर के स्टार बनाएगा। ज्वाइंट जमीन चक्र गोल्डन स्टार बिखेरेगा, वहीं वीज विला जमीन चक्र गोल्डन व सिल्वर दोनों रंग बिखेरेगा। व्यवसायियों ने बताया कि इस बार सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना भी की जा रही है। अधिकतर पटाखे कम आवाज के मंगवाए हैं। ये पटाखे अच्छी क्वालिटी के हैं। साथ ही चाइनिज पटाखे नहीं मंगवाए है। इनका कहना है कि पटाखों में अधिकतर ईको फेंडली व कम धुएं के है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली के अर्जुन गोपाल (3 वर्ष), आरव भंडारी (3 वर्ष) और जोया राव भसीन (5 वर्ष) ने 2015 में जनहित याचिका दायर की थी। उन्होंने पटाखों से प्रदूषण के चलते रोक लगाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एके सीकरी व जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए गत दिनों फैसला सुनाया है। फैसले के अनुसार लोग दीपावली और गुरुपूरब की रात दो घंटे ही आतिशबाजी चला सकेंगे। क्रिसमस और नए साल की रात के लिए 35 मिनट की छूट दी है। इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित थानाध्यक्षों को दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके अलावा तेज शोर और प्रदूषण करने वाले पटाखों के बनाने और बेचने पर भी रोक लगा दी है। इनमें लडिय़ां भी शामिल हैं।

-दीपावली पर रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे चलाए जा सकेंगे। -क्रिसमस और नए साल के मौके पर रात 11:5५ से 12:30 बजे तक ही आतिशबाजी हो सकेगी। -धार्मिक जलसों में भी पटाखों पर रोक लागू रहेगी। ऑनलाइन बिक्री व बेरियम से बने पटाखों पर रोक।-पर्यावरण अनुकूल पटाखे के निर्माण व बिक्री की अनुमति। -पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) पटाखों के तय मानकों पर निर्माण और बिक्री तय करेगा।-मानकों से इतर बन चुके पटाखे की बिक्री पर भी प्रतिबंध। -कोर्ट ने विशेष तौर पर ऑनलाइन बिक्री कंपनी फ्लिपकार्ट और अमेजन का नाम लेते हुए कहा कि इन जैसी इ-कॉमर्स साइट्स पटाखों की बिक्री का कोई भी ऑर्डर नहीं लेंगे।