
उदयपुर। डॉक्टर होते हुए बिना दहेज विवाह करना एक मिसाल कायम करना है। डॉक्टर को तो गाड़ी, नगदी, जेवरात सहित कई महंगे उपहार देने वाले मिल जाते हैं। लेकिन, गुडली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मनीष पंवार ने दहेज मुक्त शादी कर समाज में एक मिसाल क़ायम की है।
डॉक्टर मनीष पंवार का विवाह बबीता नैनावत के साथ 22 जनवरी 2024 को संपन्न हुआ। डॉ. मनीष के परिवार ने विवाह में शुरू से लेकर आखिरी तक एक रुपए के ही नेक किए एवं लड़की पक्ष से दहेज में कुछ नहीं लिया। डॉ. मनीष ने डॉक्टर बनने के बाद वह कर दिखाया जो वो चाहते थे। उन्होंने दहेज में एक रुपए और नारियल लेकर शादी की। मनीष ने डॉक्टरी की पढ़ाई करके पहली पोस्टिंग उदयपुर जिले की मावली तहसील के गुड़ली गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जॉइनिंग की। वो अगस्त 2018 से गुडली में ही कार्यरत है।
डॉक्टर मनीष पंवार के पिता रामनाथ पंवार जेवीवीएनएल से सेवानिवृत्ति है और प्रांतीय बलाई समाज संस्थान, जयपुर के अध्यक्ष रह चुके है। इनका मूलगांव हरसोली बागास है और वर्तमान में मुरलीपुरा जयपुर में रहते हैं। डॉ मनीष पंवार के दो भाई एवं दो बहने हैं। डॉ मनीष पंवार की पत्नी बबीता नैनावत के पिता यशराज नैनावत निजी कार्य करके अपना जीवन यापन करते हैं। बबीता नैनावत ने एमकॉम कर रखी है और साधारण परिवार से ताल्लुक रखती है। इनका मूलगांव बांसा है और वर्तमान में बेनाड, जयपुर रह रहे हैं। इनके भी दो भाई और दो बहन है।
डॉ मनीष पंवार का युवाओं से कहना है कि दहेज के लालच में ना पड़े। दहेज लेना और दहेज देना अभिशाप है। इससे बचे और सबको जागरूक करें। लड़का जॉब में है तो यह जरूरी नहीं की वह जॉब वाली लड़की से ही विवाह करें। अगर जॉब लग गई है तो भी पढ़ी-लिखी साधारण परिवार की लड़की से विवाह कर सकते हैं एवं दहेज को ना कहकर दहेज प्रथा रूपी अभिशाप से देश एवं समाज को मुक्त करने में अपना योगदान दे सकते है।
Updated on:
24 Feb 2024 06:15 pm
Published on:
24 Feb 2024 11:15 am
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