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सुविवि प्रबंध मंडल का निर्णय :  डीएसडब्ल्यू, चीफ वार्डन व चेयरपर्सन अब होंगे स्वतंत्र

पहले भी इन पदों पर अलग-अलग व्यक्ति ही काम संभाल रहे थे, लेकिन हाल ही पुराने नियम को आधार बताते हुए विरोध के बाद विवि ने ये न‍िर्णय ल‍िया

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उदयपुर . सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में अब छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीएसडब्ल्यू), चीफ वार्डन व स्पोट्र्स बोर्ड चेयरपर्सन पद स्वतंत्र होंगे। हालांकि इससे पहले भी इन पदों पर अलग-अलग व्यक्ति ही काम संभाल रहे थे, लेकिन हाल ही पुराने नियम को आधार बताते हुए विरोध के बाद विवि ने गुरुवार को हुई विवि प्रबंध मंडल की बैठक में यह निर्णय किया।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले तत्कालीन डीएसडब्ल्यू प्रो. मदन सिंह राठौड़ ने स्पोट्र्स बोर्ड चेयरपर्सन पद को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि विवि नियमों के अनुसार जो व्यक्ति डीएसडब्ल्यू होता है वही स्पोट्र्स बोर्ड का भी चेयरपर्सन भी होता है। इसके बावजूद लॉ कॉलेज के डीन प्रो. आनंद पालीवाल को चेयरपर्सन क्यों बनाया गया? सवाल उठाने के बाद विवि ने जब उन्हें डीएसडब्ल्यू के पद से हटा दिया तो शिक्षकों ने पुरजोर विरोध किया था। हालांकि विवि प्रशासन ने हटाए जाने के अन्य कारण गिनाए थे। बैठक में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के चार विभागों के लिफाफे भी खोले गए। इसमें जियोलॉजी में 13, संगीत में 1, विधि 5 और विजुअल आर्ट में 1 व्यक्ति का चयन हुआ। इसके अलावा केरियर एडवांसमेंट स्किल के लिफाफे भी खोले गए।

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आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई की मांग
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गुरुवार को विभिन्न मांगों को लेकर सुविवि प्रबंध मंडल की बैठक के दौरान प्रदर्शन किया। प्रांत सहमंत्री जयेश जोशी ने बताया कि संगठन ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया जिसमें भर्ती प्रक्रिया व बोर्ड नियुक्तियों को लेकर आरोप लगाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने, प्रो. मदनसिंह राठौड़ पर कार्रवाई करने, भर्तियों में पारदर्शिता रखने, भर्तियों की जानकारी सरकार व राजभवन को भेजने, विवि प्रवेश द्वार व तिरंगा लगाने का कार्य जल्द करने, कॉमर्स कॉलेज में सरकारी सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर कुलपति को ज्ञापन दिया गया। गजेन्द्रसिंह राणा, भवानीशंकर बोरीवाल, दिनेश डांगी, प्रवीणसिंह आसोलिया, नीरज सामर, निखिलराज सिंह राठौड़, नवीन मेनारिया, महिपालसिंह, पदमसिंह देवड़ा आदि मौजूद थे।

पहले से है नियम
विश्वविद्यालय ने 1989 के एक्ट में इसमें बदलाव कर इन पदों को अलग कर दिया था। अब से ही यह पद अलग-अलग है।
हिम्मत सिंह भाटी, रजिस्ट्रार, सुविवि

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