
उदयपुर. रावली टॉडगढ़ अभयारण्य क्षेत्र के भील बेरी जल प्रपात से बहते झरने पर गुरुवार को भीड़ के बीच लेकसिटी के लोगों ने प्रकृति का आनंद लिया। भीड़ ने वहां पर वन्यजीवों के बारे में जाना-समझा वहीं प्रकृति के बीच पूरा दिन बिताया।
वन्यजीव प्रभाग के उप वन संरक्षक सोहेल मजबूर ने बताया कि प्रकृति प्रेमियों के लिए वन विभाग की ओर से आयोजित इको टूर में गुरुवार सुबह भील बेरी पर करीब 25 जनों का टूर पर भेजा गया, उनके साथ टेक्निकल एवं साइंटिफिक गाइडेंस के लिए जंगल, वन्यजीवों, पक्षियों के बारे में वनस्पति के बारे में ज्ञानकारी देने के लिए डॉक्टर सुनील दूबे ने विस्तार से समझाया।
सभी को जंगल में रहने वाले वन्यजीवों के बारे में समझाया गया। परिवार एवं बच्चों समेत सभी ने बहते झरनों के पानी में खूब आनंद लिया अरावली पर्वतमाला एके ज्योग्राफिकल फॉर्मेशन की जानकारी दी गई विभिन्न वनस्पतियों की प्रजातियों, वन्य जीवों, पक्षियों की पर्जातियों की टूरिस्टों को जानकारी दी गई। साथ ही सभी को दिवेर महाराणा प्रताप की स्थली पर इको टूरिस्ट को ले जाया गया तथा वहां पर महाराणा प्रताप के इतिहास के संबंध में संपूर्ण जानकारी दी गई। मुख्य वन संरक्षक राहुल भटनागर ने बताया कि 2 सितंबर को प्रकृतिप्रेमियों को गोरमघाट लेकर जाया जाएगा, यात्रियों की बस सुबह छह बजे चेतक सर्कल स्थित वन भवन से रवाना होगी।
वन विभाग की ओर से हर सप्ताह अलग-अलग प्राकृतिक स्थलों का ट्यूर कराया जाता है, इसमें सीतामाता अभयारण्य, कुंभलगढ़ अभयारण्य, रावली टाडगढ़, गोरमघाट आदि स्थानों का भ्रमण कराया है।
सभी को जंगल में रहने वाले वन्यजीवों के बारे में समझाया गया। परिवार एवं बच्चों समेत सभी ने बहते झरनों के पानी में खूब आनंद लिया अरावली पर्वतमाला एके ज्योग्राफिकल फॉर्मेशन की जानकारी दी गई विभिन्न वनस्पतियों की प्रजातियों, वन्य जीवों, पक्षियों की पर्जातियों की टूरिस्टों को जानकारी दी गई।
Published on:
01 Sept 2017 12:26 pm
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