उदयपुर. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का क्या रोल रहेगा यह तो उनसे ही पूछिए। आज तो डा. सतीश पूनिया अध्यक्ष है, पार्टी किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी यह तो पार्टी का संसदीय बोर्ड तय करेगा। जहां तक मेरा सवाल है तो पार्टी का निष्ठावान कार्यकर्ता हूं।
यह बात कटारिया ने शुक्रवार को भाजपा के आपातकाल को काला दिवस के रूप में मनाने के मौके पर यहां भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि मैं तो अपने अनुभव से कह सकता हूं कि मैं कितना ही बड़ा हो जाऊं लेकिन जिस पार्टी ने मेरी पहचान बनाई उसके प्रति ईमानदारी व निष्ठा से काम करना मेरा धर्म कर्तव्य है। वसुंधरा को लेकर ही इशारे ही इशारे में कटारिया ने कहा कि बलराज मधोक, कल्याण सिंह, उमाजी पार्टी से चले गए पर सब घूम फिर कर वापस लौट आए, इसके पीछे मात्र इतना सा कारण था कि भाजपा व्यक्ति आधारित नहीं, विचारधारा आधारित पार्टी है। आज कांग्रेस की दुर्गति का कारण यही है कि वहां निष्ठा व्यक्ति के प्रति है, देश के प्रति नहीं।
उन्होंने कहा कि सीएम तो बनने के लिए कोई भी तिलक लगाकर बाहर आ जाए इससे कुछ नहीं होता है, भाजपा का संसदीय दल तय करता है। पूनिया या राजे के नेतृत्व में चुनाव के सवाल पर कहा कि आज की तारीख में तो अध्यक्ष पूनिया ही है, अभी चुनाव नहीं है। जब उनसे पूछा कि बयानों की बारिश तो भाजपा नेता कर रहे हैं तो कटारिया बोले कि जो कर रहे हैं वे वफादारी दिखा रहे हंै, हम तो संगठन के प्रति वफादार है। सिर्फ डॉ. रोहिताश्व शर्मा को ही नोटिस देने के सवाल पर कटारिया बोले कि जरूरत समझेंगे तब सबको देंगे।
वे बोले कि भाजपा में कोई बिखराव नहीं है, कटारिया एड़ी-चोटी से जोर लगा दे तब भी उदयपुर में अपनी जमानत नहीं बचा सकता, जीत पार्टी की वजह से मिलती है। राजस्थान कांग्रेस में विवाद के सवाल पर बोले कि पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने मरी कांग्रेस को जिंदा किया और अब वे अयोग्य हो गए है और उनको एक तरफ कर दिया गया, निकम्मा कहा, ये शब्द बोलने लायक है क्या? कटारिया ने कहा कि हम भी एक राजनीतिक पार्टी में है, नाटक तो देखते रहेंगे।