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संक्रमण के खतरे का इमरजेंसी ओटी: एक ही कमरे में दो टेबल, एक पर संक्रमित, एक पर सामान्य मरीजों का प्रोसिजर

महाराणा भूपाल अस्पताल अव्यवस्थाओं के बोझ तले दबा है इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर वीआईपी के लिए कई बार आरक्षित रहती है दो में से एक टेबल, मरीजों को होती है परेशानी

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महाराणा भूपाल हॉस्पिटल का इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर मरीजों को बचाने की बजाय किसी के लिए भी जान का खतरा साबित हो सकता है। कई कमियों वाला यह इमरजेंसी ओटी पिछले करीब एक साल से चल रहा है। ये ओटी ना केवल मरीजों को संक्रमण बांट रहा है, बल्कि इसमें कई व्यवस्थाएं लचर हैं। अधीक्षक जल्द ही नए ओटी में शिफि्टंग की दलील दे रहे हैं, तो इसकी व्यवस्था पर सभी उच्चाधिकारियों की आंखें बंद हैं।

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ये है हाल

यह इमरजेंसी ओटी मैन ऑपरेशन थियेटर वाले हिस्से में संचालित है, इमरजेंसी ओपीडी के ऊपरी हिस्से में इसे चलाया जा रहा है।

- एक ही जगह पांच फीट की दूरी पर दो-दो टेबल लगा रखे हैं, एक पर संक्रमितों का उपचार होता है, तो एक पर सामान्य। इस पर भी फ्यूमिगेशन नहीं करवाया जाता है। ऐसे में यदि कोई एचआईवी संक्रमित, हेपेटाइटिस बी व सी या वायरल मार्कर पॉजिटिव मरीज आता है, तो वह सामान्य मरीज के समीप ही उपचार करवाता है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। नियमानुसार या तो दोनो वर्ग का अलग-अलग ओटी होना चाहिए या नियमित हर मरीज के प्रोसिजर के बाद फ्यूमिगेशन करवाना होता है।- ओटी में तीन एसी लगे हुए हैं, जिनमें से दो खराब और एक बेहद पुराना हो चुका है, जो जरूरत के हिसाब से थियेटर ठंडा नहीं करता।

- यहां ना तो डॉक्टर्स के लिए अलग से चप्पल मिलते हैं, और ना ही गाउन। ऐसे में चिकित्सकों को भी परेशानी होती है।-

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बच्चों के लिए भी अलग नहीं...इससे बड़ी लापरवाही क्या होगी कि बच्चों के लिए भी अलग से इमरजेंसी ओटी नहीं है, यदि कोई बच्चा संक्रमण का शिकार हो गया तो बड़ी परेशानी सामने आ सकती है।

- इमरजेंसी ओटी की दो टेबल में से एक ज्यादातर बंद रहती है, इसका कारण वीआईपी के लिए रिजर्व रखना है, उस दौरान सामान्य मरीजों को कोई देखने वाला नहीं।-

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ऐसे आते हैं मामले:- सेल्यूलाइटिस- पांव मोटा होने, काला पड़ने व मवाद भरने की शिकायत,

- परपोरेशन- आंतों में छेद के मामले, ट्रेफिक एक्सीडेंट में जिसमें आंते प्रभावित होती है, बीटीए ब्लंड ट्रोमा एब्डोमेन की शिकायत वाले यहीं आते हैं।

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जल्द शिफ्ट करेंगेहम जल्द ही इमरजेंसी ओटी शिफ्ट कर रहे हैं, नया बनकर तैयार हो चुका है। कुछ रिपोर्ट्स का इन्तजार है, इसलिए देरी हो रही है, इसे तो कार्य व्यवस्थागत शुरू किया था, इसलिए कुछ कमी हो सकती है, लेकिन जल्द ही सब सही होगा।

डॉ. आरएल सुमन, अधीक्षक, एमबी हॉस्पिटल उदयपुर