
अधिकारियों की देरी से आक्रोशित हुए किसान
जयसमंद . रबी फसल के लिए जयसमंद झील से होने वाली सिंचाई के पानी के लिए सराड़ा, सलूम्बर, सेमारी व झल्लारा पंचायत के सैकड़ों किसानों व अधिकारियों की बैठक अतिरिक्त जिला कलक्टर चांदमल वर्मा की उपस्थिति में मंगलवार दोपहर हुई। क्षतिग्रस्त नहरों की समय पर मरम्मत कराने एवं पूर्ण पानी उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर किसान अड़े रहे। एडीएम ने उन्हें आश्वासन देकर समझाइश की। अधिशासी अभियंता सलूम्बर ने मौखिक आदेश देकर पहले बैठक का समय ११ बजे होना बताया। इस पर किसान ११ बजे बैठक में पहुंच गए। बाद में बैठक का समय दो बजे निर्धारित किया गया। ढाई बज अधिकारियों के आने पर किसान आक्रोशित हो गए।
वेजपुर के किसान कन्हैयालाल पटेल ने शिकायत की कि नहरों की मरम्मत में नरेगा के मजदूर लगाकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। करोडिय़ा के किसान नाथूलाल पटेल ने नहरों की सफाई कर पानी उपलब्ध कराने की मांग की। गोकुल पटेल ने कहा कि नहरों पर काम करने वाले मजदूरों के आईआईसी फिनो कार्ड के एटीएम मेट के पास पड़े रहते हैं। यह भी आरोप लगाया कि मजदूरों के खाते में भुगतान आने पर राशि निकाल ली जाती है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जयसमंद झील की दाईं नहर से 8 नवम्बर तथा बाईं नहर से 12 नवम्बर से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। कन्तोड़ा के किसान स्वरूपसिंह ने कहा कि पानी की बर्बादी की होने से किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। इसकी रोकथाम के लिए केनाल पर चौकीदारों की व्यवस्था की जाए। इस दौरान जल संसाधन विभाग उदयपुर के अधीक्षण अभियंता गणपत लाल अरोड़ा, अधिशासी अभियंता सलूम्बर ऋषभ जैन, कमेटी अध्यक्ष वालचंद सुथार, कनिष्ठ अभियंता भावेश पाटीदार, कृषि अधिकारी हरिराम चौधरी, गातोड़ सरपंच हमीरलाल मीणा, श्यामपुरा पूर्व सरपंच कन्हैयालाल मीणा सहित कई किसान व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
Published on:
31 Oct 2018 01:34 pm
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