
field club in udaipur
जनता की कमाई से खरीदे गए फील्ड क्लब के सरकारी मालिकाना हक को लेने के लिए सरकार के ही जिम्मेदार विभागों ने आज तक नजरअंदाज किया है। इतना ही नहीं आबकारी, विद्युत निगम, जलदाय, देवस्थान, नगर निगम, यूआईटी जैसी सभी एजेंसियों के अफसरों ने मिलीभगत कर क्लब पर खुलकर सरकारी मंजूरियां लुटाईं।
बावजूद इसके कि क्लब की जमीन के मालिकाना हक को लेकर जहां सार्वजनिक निर्माण विभाग वर्ष 1996 से हाईकोर्ट में लड़ रहा है तो यूआईटी भी बरसों बाद इसमें पार्टी बनी। फील्ड क्लब की 31 बीघा 4 बिस्वा जमीन वर्ष1931 से मेवाड़ रियासत और फिर राजस्थान सरकार के नाम दर्ज रहने के बावजूद उसे बिना स्वामित्व टाइटल के बाहरी लोगों को सुविधाएं देने का काम सरकारी विभाग करते रहे। पुरानी जमाबंदियों और रिकॉर्ड की जांच में साफ हो चुका है कि भूमि के हिस्से मेवाड़ रियासत के नाम पर रहे और अब यह यूआईटी के खाते दर्ज है। यही तथ्य हाईकोर्ट को भी पेश किए जा चुक हैं।
किस सरकारी विभाग ने क्या किया
देवस्थान
फील्ड क्लब ने जमीन पर बिना स्वामित्व के सरकारी राशि का ऋण उठा लिया। नहीं चुका सका तो देवस्थान विभाग ने अदालत में मुकदमा किया। इसके आदेश में 35 हजार 494 रुपए की वसूली निकाली गई।
यूआईटी
क्लब परिसर में बेतहाशा निर्माण होते रहे, लेकिन यूआईटी ने कोई स्वीकृति नहीं दी। न ही इन निर्माणों को ध्वस्त किया। जमीन का मालिक होने के बावजूद कभी कोई नोटिस नहीं दिया।
पीडब्ल्यूडी
क्लब से मुकदमा लड़ते समय हाईकोर्ट में कभी प्रभावी पैरवी नहीं की। कई वर्ष बीत गए और पीडब्ल्यूडी सम्पत्ति को सरकारी साबित नहीं कर सका। जबकि विभाग के पास सबसे ज्यादा प्रमाण मौजूद हैं।
नगर-निगम
क्लब की वाटिका को व्यावसायिक तौर पर भारी-भरकम किराए पर देकर अवैध कमाई की जाती रही लेकिन निगम ने वाटिका अधिनियमों में कभी कोई नोटिस नहीं दिया। यह भी नहीं देखा कि जमीन सरकारी है।
आबकारी
विशेष मेहरबानी दिखाई और बार चलाने की स्वीकृतियां दीं। जबकि लाइसेंस देने से पहले जमीन का स्वामित्व देखा जाता है। विभाग ने सारी जानकारी के बावजूद मिलीभगत से क्लब को शराब परोसने की मंजूरी दे दी।
एवीवीएनएल
आम आदमी को आसानी से बिजली कनेक्शन नहीं देने वाले एवीवीएनएल ने सरकार से ही अदालत में लड़ रहे फील्ड क्लब को बिना संपत्ति के मालिकाना हक जाने-देखे विद्युत कनेक्शन जारी कर दिया।
जलदाय विभाग
यहां तक पानी के लिए भी मेहरबानी दिखाई और जलदाय विभाग ने नल कनेक्शन उपलब्ध करवाया। जानकारी के बावजूद चांदी की खनक के आगे कुछ नहीं देखा।
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
