
उदयपुर. शहर के समीप भुवाणा गांव में करीब 40 साल बाद लोक नृत्य गवरी Folk dance Gawri का आयोजन सोमवार को शुरू हुआ। भुवाणा सरपंच मोहनलाल डांगी और गोपीलाल डांगी मंगरी ने बताया कि लंबे समय बाद गांव में आयोजन से आमजन में खुशी का माहौल रहा।
सुबह बालेश्वरी खेड़ा देवी मंदिर में आरती के बाद गवरी कलाकार एवं ग्रामवासी गांव के मामादेव मंदिर गए। जहां गवरी कलाकारों ने गाबा धारण परम्परा की। उसके बाद गांव के मंदिरों में धोक दिया। दोपहर में सवा तीन बजे गांव के गवरी चौक में भाला रोपने के साथ गवरी खेली गई। शाम को गवरी कलाकारों एवं भक्तजनों के लिए खेड़ा देवी मंदिर पर प्रसादी का आयोजन मीठालाल मित्र मंडल द्वारा किया गया। पूरे आयोजन में सभी ग्रामवासियों, गांव के संगठनों, समितियों का सहयोग रहा। गांव के मौतबिरों ने बताया कि गवरी सवा माह तक गांव सहित आसपास में ब्याही गई बहन बेटियों के ससुराल में भी खेली जाएंगी।
इधर, कुम्हारों का भट्टा, नोखा गांव, हिरण मंगरी के लोगों ने भी सोमवार को एमबी कॉलेज परिसर स्थित माता मंदिर पर गवरी का मंचन किया। इसमें करीब 150 पात्रों ने गवरी मंचन किया। जिसमें काना-गुजरी, नाथू-भाया, बंजारा, दानी, मीणा आदि खेलों का मंचन हुआ। इस दौरान रामचंद्र पटेल, केशुपाल डांगी, शिवलाल पटेल, दुर्गेश पटेल आदि का सहयोग रहा।
Published on:
04 Sept 2023 10:39 pm
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