उदयपुर

Ganesh Chaturthi 2022 : लेकसिटी में गणेशोत्सव की धूम, बप्पा को धूमधाम से लाए घर व पांडालों में

शहर के विभिन्न गणपति मंदिरों में सुबह से पूजा-पाठ हुए, वहीं प्रथम आराध्य गजानन के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। विघ्नहर्ता से सभी तरह के विघ्न हरने और रिद्धि-सिद्धि प्रदान करने की कामना की। इस दौरान गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया के जयकारों से बप्पा का स्वागत किया गया।

2 min read
Aug 31, 2022

लेकसिटी में गणेश चतुर्थी का पर्व बुधवार को श्रद्धा से मनाया गया। इसी के साथ दस दिवसीय गणेशोत्सव भी प्रारंभ हो गया। गणेश चतुर्थी से अनन्त चतुर्दशी तक चलने वाले इस पर्व को लेकर लोगों में इस बार खूब उत्साह दिखा। लोगों ने घरों में गणपति प्रतिमा की स्थापना की। इसके लिए ढोल ढमाकों के साथ लोग गणपति को ले गए और शुभ मुहूर्त में घरों में विराजित किए। वहीं, प्रसाद के रूप में भगवान को मोदक, मोतीचूर के लड्डू, बेसन के लड्डू आदि का भोग धराया गया। इधर, शहर के विभिन्न गणपति मंदिरों में सुबह से पूजा-पाठ हुए, वहीं प्रथम आराध्य गजानन के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। विघ्नहर्ता से सभी तरह के विघ्न हरने और रिद्धि-सिद्धि प्रदान करने की कामना की। इस दौरान गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया के जयकारों से बप्पा का स्वागत किया गया। गणेश चतुर्थी पर दो साल बाद बोहरा गणेश मंदिर पर मेला भी भरा। इस मौके पर अधिकतर घरों में दाल-बाटी-चूरमा बना। कई लोगों ने व्रत भी रखा।

स्वर्ण आंगी और आभूषणों से हुआ बोहरा गणेशजी का खूबसूरत शृंगार

शहर के प्रमुख बोहरा गणेशजी मंदिर ट्रस्ट के सचिव डॉ. आरएल जोशी ने बताया कि बुधवार सुबह 6 बजे आरती हुई, भगवान को स्नान करा कर स्वर्ण आंगी की गई और फिर स्वर्ण आभूषण, जिसमें मुकुट, सोने की सूंड, कुंडल, पायल, कंठ मालाएं, हाथ के कंगन आदि से भव्य शृंगार किया गया। दोपहर 12. 15 बजे आरती के बाद भगवान गणेश को प्रसाद के रूप में बेसन, बूंदी के लड्डू चढ़ाए गए और ड्राय फ्रूट का केक काटा गया।

पाला गणेशजी का कुंदन और डंके से हुआ शृंगार

इधर, पाला गणेशजी मंदिर के पुजारी बाबूलाल नागदा ने बताया कि सुबह 4 बजे से भक्तों के लिए मंदिर खुल गए और दर्शनों के लिए भक्त आने लगे। पहले उनकी आंगी की गई और फिर कुंदन, डंके और स्वर्णाभूषणों से शृंगार किया गया। संध्या आरती 7 बजे और रात को 12 बजे शयन आरती की गई। दर्शन करने आने वाले भक्तों को प्रसाद भी वितरित किया गया। इसी तरह चांदपोल स्थित जाड़ा गणेशजी, हाथीपोल स्थित मावा गणेशजी, मल्लातलाई स्थित दूधिया गणेशजी, हाथीपोल खटीकवाड़ा में पंचमुखी गणेश जी आदि मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की गई।

Updated on:
31 Aug 2022 11:12 pm
Published on:
31 Aug 2022 11:06 pm
Also Read
View All

अगली खबर