
महुआ के फूलों से गुलजार घोड़ासर
सराड़ा. (उदयपुर).उपखंड क्षेत्र में एक ऐसा गांव है जहां पर पेड़ों से परिवार की तरह प्रेम किया जाता है। उनकी देखभाल भी उसी तरह होती है।
सेमारी पंचायत समिति के घोड़ासर गांव इन दिनों महुआ के फूलों से गुलजार हो रहा है। गांव में महुआ की पेड़ों की संख्या हजारों में है। ऐसे कई परिवार हैं जिनके १०० से ज्यादा पेड़ है। यहां के लोग इन पेड़ों को परिवार का सदस्य मानते हुए उनकी पूरी सेवा करते हैं। जिसके फलस्वरूप लोगों को उनके फूलों के रूप में फल मिलता है। आजकल पूरे गांव के लोग महूए के फूलों को एकत्रित करने में लगे हुए हैं। सैकड़ों टन फूल एकत्रित कर अपनी आजीविका चलाते हैं।
सराड़ा उपखंड क्षेत्र में यह एक ऐसा गांव मात्र गांव है जिसमें हजारों की संख्या में महुआ के पेड़ लगे हुए हैं
करीब ४००० आबादी वाले इस गांव मे एक भी घर ऐसा नहीं होगा जिसमें महुआ का पौधा नहीं होगा। गांव कई फलों में बिखरा हुआ है। पहाड़ी क्षैत्र है, जहां पर लोगों के आजीविका का मुख्य साधन मात्र खेती के साथ-साथ वृक्ष से ही अपनी आजीविका चलाते हैं। यहां के लोगों द्वारा महू के फूलों को एकत्रित करने की परंपरा है। सुबह उठते ही परिवार के सभी सदस्य अपने इस काम में लग जाते हैं और दोपहर होते-होते लोग पुन: लौट जाते हैं। इन फूलों को लोग बेचकर अपने आवश्यक सामग्री का खरीदारी करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इन फूलों का उपयोग शराब बनाने के साथ-साथ ढेकली नामक भोजन बनाया जाता है। जिसको बड़े चाव के साथ खाया जाता है
———
हमारी ग्राम पंचायत के लोग पेड़-पौधों को बेहद प्रेम भावना से रखा जाता है। खासकर महूओं के पेड़ों को परिवार की तरह पाला जाता है। गांव के लोगों के फलदार पौधे ही आजीविका के रूप में काम आते हैं। कई परिवार है जिनके पास सैकड़ों की संख्या में महुआ व अन्य फलदार पेड़ लगा रखे हैंं।
राजेन्द्र कुमार मीणा, सरपंच ग्राम पंचायत घोड़ासर
Published on:
09 Apr 2021 07:13 pm
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
