
उदयपुर . जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय की शनिवार को हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में अगले सत्र से श्रमजीवी महाविद्यालय में कन्या महाविद्यालय शुरू करने एवं 10 मार्च को नवां दीक्षांत समारोह के आयोजन का निर्णय किया गया।
कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत की अध्यक्षता में हुई बैठक में आईआरएए के सहयोग से कम्प्यूटर एनिमेशन में डिप्लोमा प्रारंभ करने का भी निर्णय हुआ। विश्वविद्यालय से प्रदत्त डिग्रियों को छ।क में जमा करवाने के लिए विचार किया गया। बैठक में प्रो. जी.एम. मेहता, प्रो. पी.के. पंजाबी, प्रो. सुमन पामेचा, डॉ. मंजू माण्डोत, डॉ. आरपी नारायणीवाल, प्रो. अनिला शुक्ला, डॉ. शैलेन्द्र मेहता, प्रो. मलय पानेरी, डॉ. अलक नन्दा, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. राजन सुद, डा. बबीता रसीद, डॉ. लिलि जैन, डॉ. जीवनसिंह खरकवाल, प्रो. प्रदीप पंजाबी, डॉ. भुरालाल श्रीमाली, डॉ. सरोज गर्ग, डॉ सुनीता मुर्डिया, डॉ. अमी राठोड, डॉ. रचना राठोड, डॉ. एस.बी. नागर, डॉ. हेमेन्द्र चौधरी, डॉ. भवानीपाल सिंह, सहित प्रोफेसर एवं रीडर उपस्थित थे।
सामुदायिक केन्द्रों पर होगा उत्पादन
विद्यापीठ की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित 10 जनभारती सामुदायिक सेन्टर्स प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ, लघु उद्योग तथा रोजगारोन्मुखी शिक्षा के लिए आइडियल केन्द्र बनेंगे जिससे मेक इन इंडिया के तहत जोडऩे के लिए स्कील बेस्ड बनाया जाएगा। सभी केन्द्रों को अत्याधुनिक बनाया जा चुका है। इनमें महिलाओं के लिए कम्प्यूटर, सिलाई प्रशिक्षण, बालिका शिक्षा, इंटीरियल डेकोरेशन, घरेलू वस्तु की मरम्मत का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं अपने परिवार का भरण पोषण करने के उद्देश्य से आमजन के लिए काम में आने वाले उत्पादों का महिलाओं की ओर से उत्पादन किया जाएगा जिससे कम लागत पर बाजार में बिक्री की जाएगी।
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एक कोर्स में तीन ट्रेड सीखने का मौका
प्रो. सारंगदेवोत ने बताया कि सौ प्रतिशत रोजगार गारंटी वाले इस संस्थान में अन्तरराष्ट्रीय स्तर की इंडस्ट्री सिमूलेटेड प्रयोगशालाओं में एक ही कोर्स में मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल एवं प्लम्बिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु को ट्रेनिंग के साथ-साथ 30 से 40 हजार रुपए कमाने का मौका भी मिलता है। इस दो बैच के प्रशिक्षु कमर सउदी अरब में कार्य कर रहे हैं।
स्कालरशिप व बालिका शिक्षा पर जोर
उन्होंने बताया कि अगर कोई विद्यार्थी गरीब एवं मेधावी है और वह इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेना चाहता है तो विश्वविद्यालय अपने स्तर पर इन्हें आगे बढ़ाने के लिए स्कॉलरशिप भी प्रदान करेगा। साथ ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर स्तर पर प्रयास करेगा।
Published on:
25 Feb 2018 11:58 am
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