
उदयपुर/ गोगुंदा. gram sevak स्मार्ट विलेज की सूची में शामिल उपखण्ड मुख्यालय की ग्राम पंचायत में ग्राम सेवक जैसे पद को लेकर जिम्मेदार प्रशासन मौन साधे है। समस्या से स्थानीय लोगों को समस्याओं का मुंह देखना पड़ रहा है। दूसरी ओर सरकारी योजनाओं से लेकर अन्य विकास के काम बाधित पड़े हुए हैं। समस्या यह है कि सरकारी दस्तावेज में ग्राम सेवक का तबादला गोगुंदा ग्राम पंचायत में बता रखा है, जबकि मौके पर चार्ज नहीं लेने के कारण यह पद खाली ही बना हुआ है। ऐसे में रोजमर्रा के कामों को लेकर पंचायत मुख्यालय पर आने वाले ग्रामीणों को निराशा का मुंह देखना पड़ रहा है। करीब छह माह पूर्व तत्कालीन ग्राम सेवक भूपेंद्रसिंह झाला के चार्ज देने के बाद काछबा ग्राम पंचायत के ग्राम सेवक पवन कुमार को क्षेत्र का अतिरिक्त चार्ज दिया गया था। कुछ माह तक तो व्यवस्था दुरस्त रही, लेकिन बाद में यह ढर्रा चरमरा गया। 28 सितम्बर को महात्मा गांधी ग्रामोत्थान शिविर के दौरान ग्राम सेवक की समस्या को लेकर वार्ड पंचों व ग्रामीणों ने आक्रोश भी जताया, लेकिन हमेशा की तरह सरकारी तंत्र में नतीजा ढाक के तीन पात होकर रह गया।
भुगतान कार्य अटके
लंबे समय से रिक्त ग्राम सेवक पद के कारण स्मार्ट विलेज में हुए कामों का भुगतान अटका पड़ा है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
घाघूलाल मेघवाल, सरपंच, गोगुंदा
जिम्मेदारी के लिए पाबंद
पवन कुमार को स्थायी तौर पर ग्राम सेवक लगाया हुआ है। इसकी देखरेख में ही सफाई कार्मिकों का पिछले माह भुगतान हुआ है। gram sevak बावजूद इसके ग्राम सेवक को पाबंद कर व्यवस्था सुधार के प्रयास करेंगे।
अर्जुनसिंह शेखावत विकास अधिकारी गोगुंदा।
Published on:
16 Oct 2019 06:00 am
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