
कटारिया बोले गहलोत देवास के लिए बजट में फंड दे, नहीं दिया तो दिल्ली से लाएंगे
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर . राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया Gulab Chand Kataria ने कहा कि उदयपुर की झीलें लबालब रखने और शहरवासियों की प्यास बुझाने के लिए देवास प्रोजेक्ट को लेकर प्रदेश सरकार को अपने बजट RAJASTHAN BUDGET 2019 में धन का प्रावधान करना चाहिए। सरकार ऐसा करती है तो यह उदयपुर UDAIPU के लिए बड़ा कदम होगा। सरकार यदि देवास पर ध्यान नहीं देती है तो हम केन्द्र सरकार से पैसा लाएंगे। कटारिया ने यह बात सोमवार को पत्रिका से बातचीत में कही। उन्होंने माना कि देवास उदयपुर के लिए सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है और इसके लिए बजट देते हैं तो शहर की झीलों में हमेशा पानी बना रहेगा। साथ ही शहर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की प्यास बुझेगी। उन्होंने कहा कि माही बजाज सागर का गुजरात बहकर जाने वाले पानी को जयसमंद झील तक गुरुत्वाकर्षण से लाने के लिए भी सरकार को बजट में घोषणा करनी चाहिए। कटारिया ने देवास को लेकर कहा कि वे अपने स्तर पर जुट गए हैं। पिछले दिनों केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत से मिल चुके हैं। अगर राज्य सरकार बजट नहीं देती है तो वे केन्द्र सरकार से बजट लेकर आएंगे।
आयड़ को निखाने के लिए दें धन
कटारिया ने कहा कि शहर के बीच से गुजर रही आयड़ नदी के विकास के लिए सरकार को बजट देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिवरेज के लिए अब तक 120 करोड़ रुपए मिले हैं, अब आयड़ को निखार कर उदयपुर को वेनिस जैसा बनाने के लिए उसकी साफ-सफाई और सौन्द्रर्यकरण के लिए सरकार को बजट देना चाहिए।
दूसरे मुद्दे भी उठाएंगे
कटारिया ने एक सवाल पर कहा कि बजट में सरकार क्या रखती है, यह देखने वाली बात है। उदयपुर के दूसरे मुद्दों को उसमें शामिल किया जाता है या नहीं, इस पर गौर करते हुए अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि उदयपुर में हाइकोर्ट बैंच, फिल्म सिटी प्रोजेक्ट भी उनके ध्यान में हैं।
निजी अस्पतालों का भामाशाह स्वास्थ्य का सबसे ज्यादा भुगतान
कटारिया के एक सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में जो क्लेम थे उसमें निजी चिकित्सालयों को ज्यादा भुगतान किया गया। सरकार ने कहा कि निजी अस्पतालों द्वारा दिनांक 24 जून 2019 तक कुल 2166.36 करोड़ रुपए के तो राजकीय चिकित्सालयों ने 645.50 करोड़ रुपए के क्लेम बीमा कंपनी को भेजे। इसमें निजी अस्पतालों को 1886.21 करोड़ व सरकारी अस्पतालों को 521.84 करोड़ रुपए के क्लेम ेका भुगतान किया गया है।
निरस्त किए 11 गुरु गोविंद जजा भवन के निर्माण
सलूंबर विधायक अमृतलाल मीणा के एक अन्य सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि जनजाति विभाग ने जनजाति उपयोजना क्षेत्र की 41 पंचायत समिति मुख्यालय पर गुरु गोविन्द जनजाति सामुदायिक भवन स्वीकृत किए जिनमें से 6 भवनों के कार्य प्रगति पर है। 34 भवनों के निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने एवं प्रारम्भिक स्टेज पर होने से कार्यो को निरस्त किया है। मीणा को सरकार ने बताया कि निरस्त भवनों में उदयपुर जिले में कोटड़ा, झाड़ोल, सराड़ा, झल्लारा, लसाडिय़ा, गिर्वा, कुराबड़, गोगुंदा, खेरवाड़ा, ऋषभदेव, सेमारी में भवन निर्माण का कार्य निरस्त कर दिया गया है।
दस साल में मेवाड़ कॉम्पलेक्स पर १७४८ लाख खर्च किए
सलूंबर विधायक अमृतलाल मीणा ने 10 वर्षों में सलूंबर क्षेत्र में पर्यटन विकास से संबंधित कार्यों पर सवाल किया। सरकार ने जवाब में कहा कि मेवाड़ कॉम्पलेक्स योजना के तहत दस सालों में चावंड, गोगुंदा, दिवेर छापली, हल्दीघाटी, जयसमंद झील के आसपास व अन्य स्थानों पर काम किया गया। इसके तहत वर्ष 2008-09 से 2018-19 तक १७४८.१३ लाख रुपए खर्च किए है। सरकार ने बताया कि इस अवधि में चावंड के लिए १५०.९५, गोगुंदा के लिए २७४.६, दिवेर के लिए ३३९.३८, छापली के लिए २५२.४४, हल्दीघाटी के लिए ६६०.१५, जयसमंद के पास ४१.६८ व कन्सलटेंसी के लिए २८.९३ लाख रुपए के कार्य कराए गए।
Published on:
09 Jul 2019 12:44 pm
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