13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जस्ट हास्यम : हम अपनी जान के दुश्मन को जान कहते हैं, मुहब्बत की इसी मिट्टी को हिन्दुस्तान कहते हैं

'जस्ट हास्यम' की महफिल में चुटीली चुटकियों पर खूब लगे ठहाके

2 min read
Google source verification
kavi sammelan in udaipur

उदयपुर . देश भर के नामचीन लेकिन चुनिंदा रचनाकारों की धारदार कविताओं और दमदार शायरियों के अलावा व्यंग्य की पैनी पंक्तियों ने लोककला मंडल के मुक्ताकाशी मंच पर मंगलवार को सजी शाम को यादगार बना दिया। एक अरसे बाद शहरवासी समय पर शुरू और नियत अवधि में खत्म हुए एेसे कार्यक्रम के साक्षी बने जिसकी स्मृतियां वे लंबे समय तक संजोए रख सकेंगे। ओछे लतीफों तथा द्विअर्थी संवादों के बिना, केवल कलम के दम पर उपजे हास्य और समीचीन टिप्पणियों से लगे उन्मुक्त ठहाकों व चुटीली चुटकियों से समूचा वातावरण चहक उठा। अवसर था जीवन बीमा निगम की हीरक जयंती पर अजमेर लिटरेरी सोसाइटी और जीवन बीमा निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन की श्रृंखला 'जस्ट हास्यम' के आयोजन का।


कार्यक्रम का आगाज भीलवाड़ा के युवा कवि दीपक पारीख की 'ये लोग भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, रावण के पटाखे पार्षदों केबच्चे फोड़ रहे हैं' जैसी हास्य फुलझडि़यों से हुआ। उसके बाद देवास से आए वीर रस के कवि शशिकांत यादव ने मातृभूमि अस्मिता का प्रश्न यदि आएगा तो कविता भी द्रोपदी का चीर बन जाएगी..जैसी पंक्तियों से राष्ट्रीय चेतना के स्वरों को सुलगाया। अगली कड़ी में आगरा से आई कवयित्री सुमन सोलंकी ने श्रृंगार के गीतों से एक अलग महक बिखेरी। उनके बाद सोसाइटी के संयोजक तथा कार्यक्रम के सूत्रधार रास बिहारी गौड़ ने 'कविता तरक्की की दौड़ है... के जरिए वर्तमान राजनैतिक विसंगतियों पर करारा व्यंग्य किया।

READ MORE: Diwali Mela Udaipur 2017: उदयपुर के दीपावली मेले में लाफ्टर शो की जगह अब पंजाबी नाइट

देश के सबसे चर्चित शायर राहत इन्दौरी की बारी आते ही हर शेर पर तालियों की गंूज से खचाखच भरे सभागार में सुरूर छा गया। 'अंगुलियां ना सब पर यूं उठाया करो, खर्च करने से पहले कमाया करो..' 'सिर्फ खंजर ही नहीं आंखों में पानी भी चाहिए, एे खुदा दुश्मन भी मुझको खानदानी चाहिए..' और 'हम अपनी जान के दुश्मन को जान कहते हैं, मुहब्बत की मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं.. जैसे हरदिल अजीज शेरों के कमाल से खासी दाद पाईं। अंत में काव्य कलश रखते हास्य-व्यंग के जादूगर सुरेन्द्र शर्मा ने अपनी चिरपरिचित शैली में प्रतीकात्मक काव्य रचनाओं से शहरवासियों का दिल जीत लिया। इस मौके पर जीवन बीमा निगम के प्रादेशिक प्रबंधक जीके अग्रवाल,वरिष्ठ मंडल प्रबंधक संजय भार्गव, विपणन प्रबंधक राकेश गौड़ सहित शहर के अनेक काव्य रसिक मौजूद थे।