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Illegal Arms License Case: जयपुर के हथियार व्यापारी और भीलवाड़ा के हिस्ट्रीशीटर ने भी बनाए ये लाइसेंस

नगालैंड के दीमापुर के हथियार लाइसेंस भी आए सुर्खियों में, कई लाइसेंसी बचाव के लिए कानूनविज्ञों की शरण में

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उदयपुर . जम्मूकश्मीर के फर्जी लाइसेंस व अवैध हथियारों का भंडाफोड़ होने के बाद शहर के रसूखदार की गिरफ्तारी के बीच प्रदेश में नगालैंड के दीमापुर के बने फर्जी लाइसेंस भी सुर्खियों में आ गए हैं। हालांकि एटीएस (आतंकवादी निरोधक दस्ता) टीम ने जानकारी के बावजूद अभी इस कांड में हाथ नहीं डाला लेकिन उदयपुर व राजसमंद के रसूखदारों के बीच खलबली मची पड़ी है। वे कानूनविज्ञों से सलाह मशविरा लेते हुए बचाव के रास्ते तलाशने में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि जयपुर के रामगंज बाग के एक हथियार व्यापारी व भीलवाड़ा के एक हिस्ट्रीशीटर ने धड़ल्ले से प्रदेश ही नहीं अन्य राज्यों में भी दीमापुर के फर्जी लाइसेंस बनाकर अवैध हथियार बेचे। इन हथियारों के अधिकांश खरीदार भी प्रोपर्टी डीलर, मार्बल उद्यमी, शराब कारोबारी, बिल्डर व बड़े उद्योगपति हैं।


वर्ष 2003 में राजसमंद पुलिस ने पकड़े थे लाइसेंस
जम्मूकश्मीर के लाइसेंस से पूर्व वर्ष 2003 में राजसमंद जिला पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर चैलसिंह खंडनिया से नागालैंड का फर्जी लाइसेंस पकड़ा था। आरोपित ने जम्मू कश्मीर के ऑल इंडिया के फर्जी लाइसेंस की तरह ही राजसमंद में सत्यापन के लिए जमा करवाया था। सत्यापन के दौरान पुलिस जांच में वह पकड़ा गया। इस पर एक टीम नागालैंड के दीमापुर भी गई थी और तब वहां पर कई लाइसेंस जारी होने की पुष्टि हुई थी। यह लाइसेंस मुंबई के दलालों के मार्फत बनाया गया था। उसके कुछ समय बाद ही श्रीगंगानगर में लाइसेंस का भंडा फूट गया। अजमेर का मुख्य दलाल जम्मू कश्मीर से फर्जी लाइसेंस का काम करने लगा लेकिन जयपुर के रामगंज का हथियार व्यापारी व भीलवाड़ा का हिस्ट्रीशीटर नागालैंड से लाइसेंस बनाते रहे। बताया जा रहा है कि अन्य राज्यों में नागालैंड के लाइसेंस की संख्या सर्वाधिक है जिसकी जांच होनी चाहिए।

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हत्या के मामले में मांगा सुवालका को
वल्लभनगर उपाधीक्षक घनश्याम शर्मा ने मंगलवार को उदयपुर न्यायालय में फर्जी लाइसेंस व अवैध हथियार के मामले में जयपुर न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे गोविन्दनगर सेक्टर-13 निवासी विकास पुत्र धर्मनारायण सुहालका हत्या के एक प्रकरण में अनुसंधान में आवश्यकता होना बताते हुए प्रार्थना पत्र पेश किया। विशिष्ट न्यायाधीश अजा/अजजा (अनिप्र.) के पीठासीन अधिकारी वीरेन्द्र कुमार जसूजा ने केन्द्रीय कारागृह अधीक्षक को उपाधीक्षक वल्लभनगर को सुपुर्दगी के आदेश दिए। सुवालका भूपालपुरा निवासी सुमित भंडारी, राताखेत, 80 फीट रोड निवासी इंतखाब आलम, गजसिंह की बाड़ी रामपुरा रोड निवासी संजय तलेसरा, सेक्टर-5 हिरणमगरी निवासी पारस बोल्या, अम्बावगढ़ अम्बामाता निवासी हसन पालीवाला, सेक्टर-11 निवासी जयशंकर राय, ज्योतिनगर सौभागपुरा निवासी रविकांत त्रिपाठी व नवरत्न सुखेर निवासी दीपक परिहार व गोवद्र्धनविलास सेक्टर-11 निवासी निर्मल मठ्ठा के साथ जयपुर जेल में बंद है।