
हिंदू संस्कृति सभी धर्मों के लिए मार्गदर्शक
उदयपुर . राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने कहा कि हिंदू और जैन संस्कृति के अभिन्न अंग है। यहां तक की सिख, ईसाई, बौद्ध और भारतीय मुस्लिम के लिए भी हिंदू संस्कृति आदर्श रूप में मार्गदर्शन के रूप में महत्वपूर्ण रही है।
कमलमुनि और अयोध्या से दिगंबर जूना अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महंत देवी गिरी ने गोष्ठी में विचार मंथन किया। उपास्य और उपासना पद्धति अलग होने के बावजूद भी हमारी सांझी संस्कृति सदियों से विरासत के रूप में चली आ रही है। हिंदू धर्म नहीं है हिंदू संस्कृति और कल्चर हिंदू शब्द को संकीर्ण सीमाओं में कैद करने का कोई प्रयास न करें हिंदू संस्कृति में संपूर्ण ब्रह्मांड का समावेश हो सकता है। यह उदारवाद शालीनता और शालीनता की संस्कृति है।
गुणानुवाद सभा
आचार्य विजयजयघोष सूरिश्वर का अहमदाबाद में कालधर्म होने से जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रीसंघ में शोक जताया गया। अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र हिरण ने बताया कि मालदास स्ट्रीट स्थित आराधना भवन में विरागरतन विजय, साध्वी सुलेखाश्री आदि ठाणा की निश्रा में गुणानुवाद सभा हुई।
Published on:
15 Nov 2019 01:48 am
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