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उदयपुर में इन-इन जगहों पर विधिवत रूप से हुआ होलिका रोपण, 1 माह बाद होगा होली का दहन

मेवाड़ के प्रमुख त्योहारों में होलिका उत्सव का विशेष महत्व रहता है। मंदिरों में ठाकुरजी के सम्मुख होलिका रोपण से ही फागण के गीत सुनाये जाने की परम्परा रही है। एक माह बाद फाल्गुन शुक्ल की पूर्णिमा को होलिका दहन होगा।

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माघ पूर्णिमा के मौके पर शहर में विभिन्न जगहों पर शुभ मुहूर्त में होलिका रोपण की परंपरा निभाई गई। होलिका रोपण पर मंदिरों में ठाकुरजी के सम्मुख फाग के गीत सुनाए जाते हैं और एक माह बाद फाल्गुन शुक्ल की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाएगा। ।

विधिवत स्थापित हुई होली

मेवाड़ की परम्परानुसार माघ माह की पूर्णिमा पर सिटी पैलेस के माणक चौक में धर्मसभा के सदस्यों एवं पुरोहित की उपस्थिति में विधि - विधान व मंत्रोच्चार के साथ मुहूर्त देख होलिका रोपण किया गया । इस अवसर पर महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी भूपेन्द्र सिंह आउवा ने बताया कि मेवाड़ के प्रमुख त्योहारों में होलिका उत्सव का विशेष महत्व रहता है। मंदिरों में ठाकुरजी के सम्मुख होलिका रोपण से ही फागण के गीत सुनाये जाने की परम्परा रही है। एक माह बाद फाल्गुन शुक्ल की पूर्णिमा को होलिका दहन होगा। इसके अलावा शहर के बड़ी होली व मल्ला तलाई के सुभाष चौराहे पर भी शुभ मुहूर्त में होलिका का डांडा रोपा गया।

ठाकुरजी का विशेष शृंगार, गूंजे फाग के गीत

जगदीश मंदिर के पुजारी गजेंद्र ने बताया कि पूर्णिमा के मौके पर ठाकुरजी को विशेष शृंगार धारण कराया गया। फाग के रसिया का गायन किया गया। शाम को छप्पन भोग का आयोजन हुआ। इधर, श्रीनाथजी की हवेली में भी ठाकुरजी काे विशेष शृंगार धराया गया।