
भगवती तेली/ उदयपुर . सभी राजकीय महाविद्यालयों में इग्नू केन्द्र खोलने की सरकार की योजना पर पाठ्यक्रमों में कम प्रवेश होने ने रोक लगा दी है क्योंकि अधिकतर महाविद्यालयों के केन्द्रों पर चयनित पाठ्यक्रम में न्यूनतम दस प्रवेश भी नहीं हो पाए हैं। हाल ही कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने नब्बे राजकीय महाविद्यालयों की सूची जारी की है जिनमें चयनित पाठ्यक्रम में न्यूनतम दस या इससे अधिक प्रवेश हुए हैं। सरकार की ओर से उद्यमिता व कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रमों को लेकर केन्द्र खोले जाने है जिसमें जुलाई बैच के आधार पर प्रवेश दिए जाने थे। इसको लेकर सरकार ने सभी महाविद्यालयों को नोटिफिकेशन जारी किया था। केन्द्रों पर जुलाई बैच के लिए पाठ्यक्रम में न्यूनतम दस प्रवेश भी नहीं हो पाए, जबकि सरकार ने शुरू में एक पाठ्यक्रम के लिए पहले न्यूनतम बीस प्रवेश के लिए कहा था, लेकिन विद्यार्थियों की रुचि में कमी को देखते हुए यह संख्या दस कर दी थी। सरकार ने महाविद्यालयों को जनवरी बैच के लिए पर्याप्त प्रवेश सुनिश्चित करने को भी कहा है। जुलाई व जनवरी बैच की परीक्षाएं साथ में होगी।
पहले प्रवेश दिलाए, अब विकल्प बता रहे
निदेशालय ने जिन पाठ्यक्रमों में दस से कम प्रवेश हुए है, उनमें प्रवेश ले चुके विद्यार्थियों को दो विकल्प दिए हैं। पहला वे उस पाठ्यक्रम में प्रवेश लें जिनमें दस से ज्यादा प्रवेश हैं या फिर जनवरी 2018 बैच शुरू होने का इंतजार करें। इसमें भी इच्छित पाठ्यक्रम में न्यूनतम दस आवेदन होने पर ही प्रवेश मिलेगा। साथ ही सर्टिफिकेट इन इन्टरप्रेन्योरशिप व सर्टिफिकेट इन फूड सिक्योरिटी पाठ्यक्रम वर्तमान में उपलब्ध नहीं है।
उदयपुर के दो शामिल
सरकार की ओर से चयनित 90 महाविद्यालयों में जिले के सलूम्बर व गोगुन्दा के दो राजकीय महाविद्यालय शामिल हैं। संभाग में बांसवाड़ा जिले के दो, चित्तौडगढ़़ के दो, डूंगरपुर के दो, प्रतापगढ़ का एक, राजसमंद के तीन महाविद्यालयों में केन्द्र स्थापित होंगे।
Published on:
02 Oct 2017 02:54 pm
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