
आइआइटियंस हैं सौरभ, कृति सिंघवी और सिकंदर सिराज व अशिमा गोयल सिराज
विदेश में एमएनसी में जॉब, लाखों का पैकेज और सेटल्ड लाइफ को छोड़कर आइआइटी ग्रेजुएट्स ने अपने देश और अपने लोगों के लिए कुछ करने का सोचा तो राजस्थान और उदयपुर की मिट्टी उन्हें यहां खींच लाई। लेकिन जब यहां सब्जियों का स्वाद लिया तो पता चला कि इनमें उर्वरक और कीटनाशक का उपयोग होता है, जो शरीर में जाकर नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में उन्हें ऑर्गेनिक खेती का ख्याल आया ताकि ऑर्गेनिक सब्जियां वे खुद भी खा सकें और शहरवासियों को भी खिला सकें। ये आइआइटियंस हैं सौरभ, कृति सिंघवी और सिकंदर सिराज व अशिमा गोयल सिराज।
चारों दोस्तों ने पिछले साल शुरू किया स्टार्टअप
कृति सिंघवी ने बताया कि वे जयपुर से हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ ऑस्लो से उच्च शिक्षा हासिल की है। उनके पति सौरभ जोधपुर से हैं। उन्होंने आइआइटी मुंबई से इंजीनियरिंग की और काफी समय तक वे दोनों नॉर्वे में थे। फिर भारत लौट आए। वहीं, उनकी दोस्त आशिमा जयपुर से हैं और उन्होंने आइआइटी से पढ़ने के बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर किया। उनके पति सिकंदर उदयपुर से हैं और आइआइटी से ग्रेजुएशन किया। वे दोनों ही यूएसए में अच्छे पैकेज पर जॉब कर रहे थे। सिकंदर और आशिमा वर्ष 2020 में भारत आ गए थे। वे यहां आए तब उन्हें ऑर्गेनिक सब्जियों की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने मिलकर पिछले साल ही अर्बन फार्म्स नाम से स्टार्टअप शुरू किया।
शहर के बीच ही खेती का कॉन्सेप्ट
कृति ने बताया कि वे गोगुंदा स्थित फार्म पर ऑर्गेनिक खेती पहले से ही कर रहे थे। जबकि उनके स्टार्टअप अरबन फार्म्स का कॉन्सेप्ट है शहर के बीच ही खेती। यानी शहर के बीच ही सब्जियां उगाकर लोगों तक ताजा सब्जियां पहुंचाना आसान है। इसलिए सिकंदर के बड़़ी क्षेत्र में प्लॉट पर ऑर्गेनिक खेती शुरू कर दी। इसके बाद थूर, बड़ी और गोगुंदा सहित अब 6 फार्म पर ऑर्गेनिक खेती की जा रही है। वे सभी हर दिन जाकर विजिट करते हैं और फसलों की पूरी देखभाल करते हैं। अब उनके पास 10 लोगों की टीम है। वे आलू, टमाटम, बैंगन, भिंडी सहित 10 से अधिक सब्जियां और स्ट्रॉबेरी व सलाद में उपयोग में आने वाली सब्जियां उगा रहे हैं। ये सभी सब्जियां बिल्कुल मंडी की कीमत में ही उपलब्ध हैं।
Published on:
31 Oct 2023 11:45 pm
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