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गांवों से चुनकर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद तक पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद अब जिला प्रमुख को 12 हजार, प्रधान को 8400 व सरपंच को 4800 रुपए प्रति महीने मानदेय मिलेगा। यहीं नहीं इन संस्थाओं के संदस्यों के बैठक भत्तों में भी बढ़ोतरी की गई है। मानदेय में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट 2022-23 में मानदेय बढ़ाने को लेकर घोषणा की थी, जिसकी पालना करते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग बढ़े मानदेय के आदेश जारी कर दिए है। आदेश 1 अप्रेल, 2022 से प्रभावी होगा। इन जनप्रतिनिधियों को देय मानदेय व बैठक भत्तों का भुगतान राज्य वित्त आयोग के तहत मिलने वाली अनुदान राशि से किया जाएगा।
समझें कितना बढ़ा मानदेय व भत्ता
जनप्रतिनिधि.... वर्तमान में देय मानदेय.... अब इतना मिलेगा बढ़ा हुआजिला प्रमुख.... 10,000....12,000
प्रधान.... 7,000.... 8,400
सरपंच.... 4,000.... 4800
बैठक भत्तों की दरें
जनप्रतिनिधि.... वर्तमान में देय भत्ता .... अब इतना मिलेगा
जिला परिषद सदस्य.... 500....600
पंचायत समिति सदस्य....350....420
ग्राम पंचायत सदस्य....200....240
बैठकों में जनता के मुद्दे उठा सकते हैं
पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य साधारण सभा की बैठकों में जनता से जुड़े मुद्दों, सड़क, पेयजल, बिजली, सिंचाई, फसल और स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य संबंधित मामले उठा सकते हैं। विभागीय अधिकारियों को समस्या-समाधान की मांग कर सकते हैं। केन्द्र सरकार व राज्य सरकार की ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की क्रियान्विति जिला परिषद व पंचायत समिति, ग्राम पंचायत के माध्यम से करवाती है। हालांकि केन्द्र सरकार का बजट 100 फीसदी सीधे तौर पर ग्राम पंचायत के खाते में आता है, जबकि राज्य सरकार से मिलने वाले बजट की 100 में से 85 प्रतिशत राशि ग्राम पंचायत में, 10 प्रतिशत पंचायत समिति और 5 प्रतिशत राशि जिला परिषद को विकास के लिए आवंटित होती है, लेकिन हर योजना की क्रियान्विति जिला परिषद से ग्राम पंचायत तक जुड़ी हुई है।
Updated on:
09 Apr 2022 10:23 am
Published on:
09 Apr 2022 08:40 am
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