20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चिकित्सा विभाग के दल के पहुंचने से पहले भी भाग निकले झोलाछाप

jhola chhap doctor सरकारी चिकित्सालयों की कमियोंं पर जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी

2 min read
Google source verification
चिकित्सा विभाग के दल के पहुंचने से पहले भी भाग निकले झोलाछाप

चिकित्सा विभाग के दल के पहुंचने से पहले भी भाग निकले झोलाछाप

उदयपुर/ गोगुंदा. jhola chhap doctor आखिरकार वही हुआ, जिसका डर था। गोगुंदा ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से गठित दल ने शुक्रवार को क्षेत्र के दो गांवों में झोलाछाप डॉक्टर की धरपकड़ को लेकर कार्रवाई की, लेकिन पहले से डिंढोरा पीटने वाले विभाग के नुमाइंदों को यहां हमेशा की तरह निराशा ही हाथ लगी। विभागीय कार्रवाई की भनक पाकर झोलाछाप डॉक्टरों ने पहले ही अस्थायी दुकानों पर ताला जड़कर मौका छोड़ दिया। कार्रवाई में लेटलतीफी और दिखावटी कार्रवाई को लेकर पत्रिका ने पहले ही आशंका जताई थी। दूसरी ओर झोलाछाप की कार्रवाई के बाद कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए चिकित्सा विभाग को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाए कि सरकारी चिकित्सालय पहले खुद की व्यवस्था सुधार कर लें। बाद में कार्रवाई करें।
इससे पहले झोलाछाप के उपचार से बिगड़ी महिला की तबीयत और उदयपुर चिकित्सालय में हुई मौत पर गंभीरता दिखाते हुए उपखण्ड अधिकारी के निर्देश पर चिकित्सा विभाग की ओर से दल का गठन हुआ था। इसके बाद कार्रवाई का जोश दिखाते हुए चिकित्सा दल ने वास व बरवाड़ा गांव में दबिशें दी, लेकिन विभागीय कार्रवाई की भनक पाकर झोलाछाप क्लीनिक बंद कर नौ दो ग्यारह हो गए।

ये लगाए आरोप
इधर, ग्राम सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष तेजसिंह चारण ने महिला की मौत के मामले में सरकारी खामियों को जिम्मेदार बताया। कहा कि ग्राम पंचायत में बने उप स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से नर्सिंग स्टाफ का पद रिक्त है। समस्या से विभाग को अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया कि क्षेत्र के करीब ६ उपस्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम के पद रिक्त हैं। ऐसे में उपचार के नाम पर लोगों को मजबूरी में झोलाछाप की शरण लेनी पड़ती है। वर्तमान में भी मौसमी बीमारियों के मामूली उपचार को लेकर रोगियों को गोगुंदा तक की दूरी तय करनी पड़ रही है।

करेंगे गोपनीय कार्रवाई
क्षेत्र के दो गांव में चिकित्सा दल भेजे थे, लेकिन कार्रवाई के नाम पर फिलहाल कुछ हाथ नहीं लगा। अब गोपनीय तरह से कार्रवाई होगी।
डॉ. ओपी रायपुरिया, बीसीएमओ, गोगुंदा

किया है पाबंद
चिकित्सा विभाग को झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पाबंद किया गया है। दवा नियंत्रण अधिकारी को भी टीम में शामिल किया गया है। ताकि सख्त कार्रवाई हो सके।
जितेन्द्र पांडे, उपखंड अधिकारी, गोगुंदा

ठंडे बस्ते में जाएगी फाइल
आखिरकार वहीं हुआ, जिसकी हमनें आशंका जताई थी। कार्रवाई से पहले हल्ला बोल की नीति के चलते चिकित्सा विभाग के दल को मुंहकी खानी पड़ी है। अब कार्रवाई के शोर के बीच स्थानीय झोलाछाप उनकी दुकानें बंद रखेंगे। इधर, चिकित्सा विभाग का उत्साह भी हमेशा की तरह कुछ दिनों बाद ठंडा हो जाएगा। विभाग कार्रवाई भूल जाएगा और झोला छाप फिर से मस्ती में आ जाएंगे। दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों का विरोध भी विभाग के गले की हड्डी बन सकता है। अधिक विरोध के बीच भी इस कार्रवाई को यहीं विराम दिया जा सकता है। jhola chhap doctor देखना है कि विरोध और आरोपों के बीच विभाग किस तरह की कार्रवाई को अंजाम देता है।