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video : जीवनसाथी चुनने के लिए न्यायाधीश ने छात्रोंं से कही यह अहम बात..

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कमलाशंकर श्रीमाली/कानोड़. उदयपुर जिले के कानोड़़ के तुलसी अमृत उच्च माध्यमिक विद्यालय व राजकीय चतुर स्कूूल में न्यायाधीश राकेश रामावत द्वारा विधिक साक्षरता शिविर आयोजित करते हुए स्कूूली छात्रों का अपराध की दुनिया से दूर रहने की सीख दी । न्यायाधीश रामावत ने बच्चोंं को कहानी के माध्यम से गुस्से में लिए जाने वाले बेहूदा निर्णयोंं से दूूर रहने को कहा । न्यायाधीश ने कहा कि देश में किसी राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति का शासन नहींं अपितु संंविंधान का शासन है जिसकी पालना हम सभी को करना होगा । उम्र के अनुसार कानून के अधिकार है सात वर्ष से कम उम्र के बच्चे पर कोई कानून लागूू नहींं है। सात से बारह वर्ष की समझ को परखा जाता है तो 18 वर्ष तक अपराध करने पर न्यायालय उसे बाल संंरक्षण गृह में रखकर सुधारने का प्रयास करता है । माता-पिता , दादा या अन्य बुजुुर्गोंं , पत्नी की सेवा नहींं करने वालोंं के लिए सजा का प्रावधान हैै । रामावत ने स्कूूली छात्रों को बाल विवाह नहींं करने की शपथ दिलाते हुए कहा क‍ि 18 वर्ष बाद बच्चों को पूूरा अधिकार है कि वह अपना जीवनसाथी चुन सकता है लेकिन उससे पहले उसे जीवन साथी चुनने की समझ को विकसि‍त करना बहुुत जरूरी है ।

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