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Social Pride : यहां घर के बजाय स्कूल में होता है कन्या पूजन, बेटी बचाने और बालिका श‍िक्षा को बढ़ावा देने के ल‍िए सकारात्‍मक पहल

यहां नवरात्रि समापन पर कन्या पूजन घर में करने के बजाय स्कूल में बालिकाओं का पूजन करते हैं।

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KANYA PUJAN

फलासिया . तस्वीर फलासिया के कोल्यारी की है। जहां एक ही तीन भाइयों का परिवार समाज को नई दिशा देने के प्रयास में जुटा है। यहां नवरात्रि समापन पर कन्या पूजन घर में करने के बजाय स्कूल में बालिकाओं का पूजन करते हैं। सोच ये कि बेटी बचाने की सोच के साथ ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिले।
कोल्यारी निवासी शिक्षक प्रकाश टोकरिया, उनके भाई राज और सुरेश बीते पांच सालों से स्कूल में कन्या पूजन कर रहे हैं। बालिकाओं का पूजन करने के साथ ही उन्हें सत्कारपूर्वक भोजन करवाते हैं। इस काम में पूरा परिवार जुटता है। प्रकाश बताते हैं कि अनजान बालिकाओं का पूजन कर इनके पांव छूने पर जो संतुष्टि मिलती है, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। परिवार में बेटी नहीं होने पर भी गिला शिकवा नहीं रहता। सारी कन्याएं बेटियों सी लगती है।

शक्तिपीठों पर पूर्णाहुति के अनुष्ठान

भीण्डर. नगर एवं आसपास क्षेत्र के शक्तिपीठों में सोमवार को हवन-पूर्णाहुति हुई। जिसमें नगर के बीजासर माता मन्दिर, कालका माता मन्दिर, वनखण्डेश्वरी माता मन्दिर, अम्बामाता मन्दिर सहित विभिन्न स्थानों पर दुर्गा पाठ की समाप्ति पर हवन पूर्णाहुति हुई। कालका माता मन्दिर में भक्तों का सैलाब उमड़ा। कालका के दरबार में नवरात्रि कार्यक्रम में विशेष सेवा पूजा एवं धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। रविवार रात्रि जागरण एवं विशाल मेले का आयोजन किया गया। जिसमें कई प्रकार की वस्तुओं की दुकानें लगी। मंदिर मंडल अध्यक्ष देवेंद्रसिंह शक्तावत ने बताया कि सोमवार सुबह माता के दरबार में पूर्णाहुति का कार्यक्रम हुआ। जिसमें कई प्रकार के धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर मंडल के रमेश अहीर, मदनसिंह शक्तावत मौजूद थे। बीजासर माता मन्दिर पर सोमवार को हवन पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। बीजासर माता मंदिर पर आचार्य बद्रीप्रसाद आमेटा के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान हुए।

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ईडाणा मंदिर माता में पूर्णाहुति
गींगला पसं. मेवल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ ईडाणा मां के दरबार में सोमवार को नवरात्र के अंतिम दिन पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। यज्ञशाला में पंडित कृष्णवल्लभ चौबीसा के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा पाठ के बाद शतचण्डी हवन एवं महारूद्र यज्ञ की पूर्णाहुति में आहुतियां दी गई। ट्रस्ट संरक्षक लवदेवकुमार सिंह कृष्णवत, अध्यक्ष डॉ. कमलेन्द्र सिंह राठौड, कु बेर सिंह चौहान आदि की मौजूदगी रही। इधर, कुराबड क्षेत्र की लालपुरा ग्राम पंचायत में सांवलिया खेड़ा में स्थित सांवलिया सेठ के मंदिर में दो दिवसीय मेले का आगाज सोमवार शाम को ध्वजारोहण और आरती के साथ हुआ। भजन संध्या का आयोजन हुआ। सरपंच राधादेवी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। ज्ञान गोष्ठी का भी आयोजन हुआ, जिसमें वन सुरक्षा, गोरक्षा, बालिका शिक्षा का आह्वान किया गया।