
उदयपुर। राजपूत करणी सेना के प्रधान संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने अयोध्या में राममंदिर को लेकर एक बड़ा बयान दे दिया है। कालवी ने कहा कि अयोध्या में राम मन्दिर नहीं, राम महल बनना चाहिए, ताकि मन्दिर-मस्जिद का विवाद ही खत्म हो जाएगा। जहां राम का जन्म हुआ हो वहां महल होना चाहिए।
कालवी ने यह बात बुधवार को मीरा मेदपाट भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। कालवी ने कहा कि लव के वंशज होने के नाते हमने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी लेकिन कोर्ट ने उसे न तो स्वीकार किया और न ही अस्वीकार। ऐसे में उम्मीद है कि कोर्ट इस पर संज्ञान लेगा। अयोध्या में राम महल बनाने को लेकर गृहमंत्री से भी चर्चा हुई थी। जल्द ही प्रधानमंत्री से मिलकर भी इस बारे में बात की जाएगी।
इतिहास के साथ छेड़छाड़ बर्दास्त नहीं
पद्मावत फिल्म विवाद को लेकर कालवी ने कहा कि इतिहास के साथ किसी भी प्रकार का छेड़छाड़ बर्दास्त नहीं की जा सकती है। करणी सेना के विरोध के चलते अब अगले सौ साल तक कोई इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने पर विचार करेगा।
भाजपा को राजपूतों का समर्थन हासिल
राजपूत वोटों को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा को राजपूतों का समर्थन हासिल है। यह समर्पण की हद तक है। आंदोलन पर उन्होंने कहा कि 2 अप्रेल को एसटी एससी के विरोध में 19 लोग मारे गए, हमारे आंदोलन में किसी की उंगली नहीं कटी, लेकिन फिर भी हम गुंडे है।
आरक्षण की हो समीक्षा
कालवी ने कहा कि आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए। इस विषय को लेकर मोहन भागवत व दत्तात्रेय होसबोले से भी मिला था। दत्तात्रेय ने कहा था कि आप इस मुद्दे पर जन समर्थन हासिल कीजिए, इस पर निर्णय हो सकता है। अब इतना बड़ा आदमी ऐसे सीधे तो बोलेगा नहीं। कालवी ने इशारे ही इशारे में यह जरूर बता दिया संघ आरक्षण के मुद्दे को लेकर गंभीर है। ऐसे में हो सकता है कि आगामी लोकसभा चुनाव में आर्थिक आरक्षण को मुद्दा बनाया जाए।
Published on:
06 Jun 2018 09:11 pm
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