
खाकी-वॉरियर्स को भी लेनी होगी हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन की खुराक
भुवनेश पंड्या
उदयपुर. हमारे लिए सीधे संक्रमण से लडऩे वाली खाकी की सरकार को खूब परवाह है, अब सरकार ने ऐसे पुलिसकर्मियों व पुलिस अधिकारियों को जो कफ्र्यू क्षेत्र में काम कर रहे हैं उन्हें तय मात्रा में हाइड्रोक्सी क्लोराक्विन की खुराक लेने की सलाह दी है।
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-ये है निर्देश: अब ऐसे पुलिसकर्मी जो कफ्र्यू क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनके लिए ये कहना गलत नहीं होगा कि वह सीधे तौर पर संक्रमण से जूझ रहे हैं। इन पुलिसकर्मियों को भी नियमानुसार हाइड्रोक्सी क्लोराक्विन की खुराक लेनी ही होगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से संयुक्त राष्ट्र की ओर से कोरोना वायरस संक्रमण को पेंडेमिक घोषित करने व कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव व रोकथाम के लिए व्यापक लोकहित में राज्य सरकार की ओर से संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार की ओर से कफ्र्यू लगाया गया है।
इन क्षेत्रों में पुलिस अधिकारी, पुलिसकर्मी भी कोरोना वारियर्स के रूप में अपनी उल्लेखनीय सेवाएं निरन्तर दे रहे है। ऐसे पुलिसकर्मी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। इस आशंका को देखते हुए कफ्र्यूग्रस्त क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देने वालों को नेशनल टास्क फोर्स फॉर कोविड-19 की अनुशंषा के अनुसार हाइड्रोक्सी क्लॉरोक्विन की मात्रा को चिकित्सकीय देखरेख में लेने की सरकार ने सलाह दी है।
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ऐसे लेनी होगी दवा पहली डोज 400 मिलीग्राम की एक गोली लेनी है, इसके बाद सात सप्ताह तक हर सप्ताह 200 मिलीग्राम की 1 गोली खाना खाने के बाद लेनी होगी। फिलहाल सभी चिकित्सकों और स्टाफ कर्मियों को उनके घरों पर भी परिवार के लोगों को भी डोज देने के लिए कहा गया है। हालांकि पुलिसकर्मियों को ये गोली डॉक्टरी देखरेख में लेनी है।
क्रोनिक डिजिज के मरीजों की पर्ची प्रदेश के किसी भी हॉस्पिटल में चलेगी - क्रोनिक डिजिज के मरीजों की पर्ची प्रदेश के किसी भी हॉस्पिटल में चलेगी - कैमिस्ट को दवा देकर पर्ची पर लिखना होगा दवा दे दी गई उदयपुर. क्रोनिक डिजिज यानी नियमित व चिकालिक दवा लेने वाले बीमार चाहे वह वरिष्ठ नागरिक हों या कोई भी हो किसी भी जिले की पर्ची अन्य जिले में यानी प्रदेश के किसी भी हॉस्पिटल में काम आ सकेगी। हालांकि ये आदेश केवल लॉक डाउन तक ही जारी रहेगा। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा रोहितकुमार सिंह ने जारी किए हैं। इसे 20 फरवरी से लागू माना जा रहा है।
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ऐसे करेगा काम- वरिष्ठ नागरिक व अन्य रोगी जिसकी क्रोनिक डिजिज की नियमित दवाएं चलती है, वह कोरोना वायरस के मद्देनजर राजकीय चिकित्सालय से परामर्श प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, या अस्पताल नहीं जा पा रहे हैं, ऐसे मरीजों को कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए राजकीय चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर नियमित दवाइयां मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना में उपलब्ध करवानी होगी। पर्ची की दवा राज्य के किसी भी अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी से ली जा सकेंगी। राजस्थान के सभी कैमिस्ट को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह मरीज को लिखी गई पर्ची के आधर पर जो दवाए नियमितरूप से जरूरी है उन्हें उपलब्ध करवाएं। साथ ही पर्ची पर दवा उपलब्ध करवा दी गई है कि लिखकर मुहर भी लगाए।
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Published on:
13 Apr 2020 08:11 am
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