
कृष्ण मंदिरों में गूूंजे बधाइयों के गीत.. अस्थल आश्रम मेंं धूमधाम से मनाया गया नन्दोत्सव
प्रमोद सोनी/ उदयपुर. श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दूसरे दिन कृष्ण मंदिरों में बधाइयों के गीत गूंजे। शहर के अस्थल आश्रम मेंं नन्दोत्सव धूमधाम से मनाया गया। अस्थल आश्रम में सुबह से भक्तों ने जहां बधाई गीत गाये वहींं ढाढ़ा-ढाढ़ीन कलाकारों ने नृत्य कर नंदबाबा व यशोदा को प्रभु के जन्म पर नृत्य कर बधाई गीत गाये। सोमवार मध्यरात्रि को कृष्ण जन्मोत्सव के बाद मंगलवार को सुबह काान्हा के दर्शन के साथ ही बधाई गीत गाये। अस्थल आश्रम में प्रभु के विग्रह स्वरूप को पलने में झुलाया गया। इस दौरान आश्रम के सभा मंडप में ढाड़ा-ढाड़ीन का नृत्य हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओ ने बधाई के गीत गाये। सुबह अस्थल आश्रम में हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की, नंद घर आनंद भयो जय हो नंदलाल की, कृष्ण कन्हैयालाल की जय सहित विभिन्न जयकारे गूंजे। वही बाईजी राज कुंड पर दोपहर १ बजे कुंड के सभा मंडल में ढाढ़ा-ढाढ़ीन का नृत्य हुआ व भक्तों ने बधाई गीत गाये।इस दौरान भक्तों पर दूूध दही का छििड़काव हुआ। ठाकुरजी को पालने में झूलाया गया। हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की, नंद घर आनंद भयो जय हो नंदलाल की के जयकारों के साथ फल-फूल लुटाए गए।
वही श्रीनाथ मंदिर में नन्दोत्सव के सुबह 8.30 पर शुरू हुआ जो 11 बजेे तक चला मंदिर अधिकारी कैलाशचंद पुरोहित ने बताया की मंदिर में नन्दोत्सव के तहत मंदिर के गोवर्धन चौक में मटकी फोड़ का आयोजन हुआ। करीब 20 फीट की ऊचांई पर मटकी बांधी गई। हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की, नंद घर आनंद भयो जय हो नंदलाल की के जयकारों के साथ बाल ग्वालों ने चौथे राउंड में मटकी फोड़ी।इसके बाद ढाढ़ा-ढाढ़ीन का नृत्य हुआ व भक्तों ने बधाई गीत गाये। मुखििया बने नन्दबाबा व यशोदा ने प्रभु को पालने में झूलाया इस दौरान सेवादारों ने गोपियों और ग्वाल के रूप में ठाकुरजी के सामने नृत्य किया। वहींं श्रद्धालुओं ने भी प्रभु के जन्मोत्सव पर बधाई गीत गाये।
Published on:
05 Sept 2018 07:00 am
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