
पिछोला में क्रूज : जिस झील का पानी पीते उसमें ही प्रदूषण व गन्दगी, कतई मंजूर नहीं
उदयपुर. क्रूज को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। जैन समाज ने जीव हिंसा को लेकर सवाल खड़ा किया है। कहा कि इस छोटी पिछोला झील में अब असंख्या जीवों को मारने का पाप ही करना रह गया है क्या? यहीं नहीं इसी झील का पानी पूरा शहर पीता है और अब इसका प्रदूषण सीधे घरों तक पहुंचाकर बीमारियां बढ़ाने का काम ही करना रह गया क्या? सबने क्रूज चलाने की मनमर्जी और जल्दबाजी पर सवाल खड़े किए है और एक राय में कहा कि नगर निगम के राजस्व के और भी विकल्प है। प्रस्तुत है प्रमुख लोगों से बातचीत -
झील का बहुत नुकसान होगा
सबसे ज्यादा नुकसान जीव जंतुओं को होने वाला है, क्रूज पर सवारी करने वाले खाएंगे-पीएंगे और यह तय है कि झीलों में गन्दगी फैलेगी, किसी भी प्राणी मात्र को कष्ट देना सबसे बड़ी हिंसा है। इससे बहुत सारी परेशानियां बढ़ेगी, पिछोला झील में
- डा. पुष्पेन्द्र मुनि, जैन संत
क्रूज तो समुद्र में चलता, यहां जरूरत नहीं
छोटे से पिछोला झील के अंदर क्रूज यह बात समझ से परे है, क्रूज समुद्र के लिए होता है यहां आवश्यकता नहीं है। पूरी झील का सत्यानाश करके रख देंगे, झील में इतने जीव व मछलियां है, उनका क्या होगा, रोजाना जीव हत्या ही होगी। भले ही इससे बड़ा राजस्व मिले लेकिन इसकी जरूरत नहीं है और ये किसी भी समाज के लिए ठीक नहीं है
- अशोक जैन, अध्यक्ष दिगम्बर जैन खंडेलवाल पाŸवनाथ मंदिर
असंख्य जीवों की रोज हिंसा
क्रूज वास्तव में भारी है और इसके राउंड से जीव हिंसा होनी है। पिछोला वैसे भी छोटी झील है और इसमें इतने बड़े कूज की जरूरत नहीं है। पानी में असंख्य जीव होते है और उनकी ङ्क्षहसा होगी ही। वैसे भी यहां पर्यटन की दृष्टि से नाव संचालन हो रहा है लेकिन भारी-भरकम क्रूज ठीक बात नहीं है, सख्ती के साथ क्रूज यहां नहीं चले ऐसा निर्णय लिया जाए।
- राजकुमार फत्तावत, मुख्य संयोजक, महावीर जैन परिषद
ये जीव ही स्वच्छ और पीने योग्य बनाए रखते
झील के पानी को एक बर्तन में लेकर देखे तो उसमें अनेक जीवित जीव दिखाई देंगे, वे पानी को स्वच्छ और पीने योग्य बनाए रखते है। साथ ही वनस्पति एवं जीव अंश भी दिखाई देंगे। अब समय आ गया है हमे झीलों के वास्तविक महत्व को समझना पड़ेगा, औद्योगिक एवं भौतिक विकास की दौड़ में झीलों के अस्तित्व की उल्टी गिनती शुरू नहीं कर दें। पिछोला झील में क्रूज की जरूरत नहीं है।
- डा. राजमल लोढ़ा, पर्यावरणविद्
क्रूज पर्यटन की दृष्टि से ठीक है लेकिन पिछोला झील के लिए नहीं। छोटी सी झील में जलीय जीव जंतुओं की हिंसा से लेकर शहर की प्यास बुझाने वाले पानी को प्रदूषित करने का काम होगा। इससे नुकसान काफी होगा।
- अर्जुनलाल खोखावत, अध्यक्ष तेरापंथ समाज उदयपुर
Published on:
31 Mar 2021 11:40 pm
