
उदयपुर . सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क की शेरनी महक का ऑपरेशन मंगलवार को विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। उप वनसंरक्षक, वन्यजीव ने बताया कि महक दायीं आंख में चेरी आई (तीसरी पलक की अतिवृद्धि) बीमारी से ग्रसित हो गई थी जिसकी शल्य चिकित्सा जयपुर जू के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. अरविन्द माथुर के निर्देशन में जोधपुर जू के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉॅ.श्रवण सिंह राठौड़ एवं उदयपुर जू के पशु चिकित्सक डॉ. करमेन्द्र प्रताप सिंह ने पूर्ण की।
टीम ने इसका सेम्पल लेकर भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थानए बरेली, उत्तरप्रदेश में हिस्टोपेथोलोजिकल जांच हेतु भिजवाया है। महक की अभी विशेष देखभाल की जा रही है एवं उम्मीद है कि वो अतिशीघ्र स्वस्थ हो जाएगी। महक को आंख की शल्य चिकित्सा के दौरान आवश्यक दवाइयां दी गईं एवं नसों में तरल पदार्थ पहुंचाया गया। इस शल्य प्रक्रिया में 90 मिनट्स का समय लगा। शल्य प्रक्रिया के पश्चात् शेरनी महक बिना किसी जटिलता के स्वस्थ दिखी।
शेरनी महक को करीब डेढ़ साल पहले जूनागढ़ से उदयपुर के सज्जनगढ़ बॉयोलॉजिकल पार्क में लाया गया था। शेरनी ‘महक’ की तबीयत अगस्त माह से खराब चल रही थी। शेरनी के किडनी में सूजन होने से भोजन लेने में तकलीफ आ रही थी। करीब साढ़े आठ साल की शेरनी को उपचार के दौरान लूयूड थैरपी के साथ-साथ आवश्यक दवाइयां भी दी गई लेकिन तबियत ठीक ना होनेे पर बाद में डॉक्टरों ने इलाज किया जिससे उसकी सेहत में सुधार हुआ। इसके बाद वह दोबारा से बीमार हो गई। महक की बीमारी के कारण सज्जनगढ़़ बायो पार्क में आनेवाले वन्यजीव प्रेमी भी उसे देख नहीं पा रहे थे। उसकी बीमारी की सूचना मिलने पर सभी उसके जल्द ठीक होने की दुआएं करतेे थें।
Updated on:
19 Sept 2017 07:46 pm
Published on:
19 Sept 2017 07:42 pm
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