
प्रमोद सोनी/ उदयपुर. सावन के दूसरे सोमवार को सुबह 10.30 बजे से भगवान का सहस्रधारा अभिषेक शुरू हुआ। इसके बाद 12.15 पर अभिजित मुहूर्त में भगवान की सवारी वन भ्रमण के लिए निकली। इस दौरान सबसे आगे बैैंड बाजे चल रहे थे, उनके पीछे महिलाएंं नृत्य करती चल रही थी। उनके पीछे भगवान महाकाल को रजत पालकी में बिठाकर भक्त वन भ्रमण को चल रहे थे। वन भ्रमण के दौरान मंदिर परिसर में ही नक्षत्र वाटिका में भगवान कुछ देर के लिए बिराजत कराए व भक्तोंं ने वहां आरती की। इसके बाद पुन: मंदिर में लाया गया। हरिओम महिला सत्संग मण्डल की अध्यक्ष आभा आमेटा, अर्चना शर्मा, सुमन शर्मा, रीता गुप्ता, कला राठौड़ ने बताया कि सुबह 8 बजे हनुमान घाट से कावड़ यात्रा महाकालेश्वर मंदिर तक लाई गई।