
राकेश शर्मा राजदीप/उदयपुर. शिल्पग्राम के मुक्ताकाशी मंच पर देश के पहले स्त्रीशक्ति बैण्ड ने अनेक पारम्परिक वाद्यों के अभिनव प्रयोगों से ऐसा समां बांधा जिसे शहरवासी लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे। अवसर था महाराणा कुंभा संगीत परिषद् द्वारा आयोजित तीन दिवसीय संगीत समारोह के समापन अवसर पर सिर्फ महिलाओं द्वारा संचालित बैण्ड की मनमोहक प्रस्तुति का। मुंबई से लेकसिटी पहली बार प्रस्तुति देने आई राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता अनुराधा पॉल ने मंच पर आते ही ‘खम्मा घणी’ के साथ शहर के संगीत रसिकों को नव संवत की शुभकामनाएं देकर बनारस घराने की गणेश वंदना से कार्यक्रम का आगाज किया। इस दौरान घाटम पर रम्या रमेश, कंजीरा पर कृष्णप्रिया, संारगी पर गौरी बनर्जी तथा गायन में पामिल भण्डारी ने संगत की।
हिन्दुस्तानी एवं कर्नाटक शैली के मिश्रण की शानदार प्रस्तुति के बीच एक ओर जहां शहर की होनहार गायिका पामिल ने म्हारो वीर शिरोमणी देश.. और होरी है जी होरी है.. के सुरीले स्वर बिखेरे वहीं, मेहमान कलाकार अनुराधा ने तबले व पखावज पर राधा-कृष्ण के बीच होली की रंगत का सुन्दर संयोजन से खूब तालियां बटोरीं।
दूसरी प्रस्तुति के अंतर्गत ख्यात नृत्यागंना ऋचा जैन एवं समूह ने कथक नृत्य में अनेक भाव मुद्राओं से चहुंदिस आनंद बिखेरा। उन्होंने कृष्ण ? की 16 लीलाओं का कवित नटवरी बोल तथा गत भाव में कृष्णमयी गुण गावें बोल के अलावा एकल कथक नृत्य में राग दरबारी में ताल तीन ताल में तोड़े, टुकड़े, परण, तत्कार आदि का नयनाभिराम संयोजन अभिव्यक्त किया। इस अवसर पर ऋचा के शुद्ध कथक में धमार ताल की राग मालकौंस सहित कथा वाचन की परंपरा की पुरातन प्रथा में विष्णु के चौथे नृसिंह अवतार का सुन्दर चित्रण किया।
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अनुराधा हुई सम्मानित
मुख्य अतिथि हिन्दुस्तान जिंक की सीएसआर हेड नीलिमा खेतान, विशिष्ठ अतिथि एमएलएसयू कुलपति प्रो. जेपी शर्मा, एमपीयूटी कुलपति उमाशंकर शर्मा, खान एवं भू-विज्ञान के पूर्व निदेशक अरुण कोठारी, पीआई इन्डस्ट्रीज के संजय सिंघल सहित अन्य अतिथियों ने प्रसिद्व तबला वादक पण्डिता अनुराधा पॉल को इस वर्ष का डॉ. यशवन्तसिंह कोठारी सम्मान प्रदान किया।
Published on:
19 Mar 2018 04:06 pm
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