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Maharana Pratap Jayanti : देश ने मनाई लेकिन मेवाड़ इस दिन मनाएगा महाराणा प्रताप जयंती

Maharana Pratap Jayanti सोशल मीडिया पर मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती जबकि मेवाड़ में नहीं- 6 जून को मनाई जाएगी महाराणा प्रताप जयंती

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Maharana Pratap Jayanti

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उदयपुर. Maharana Pratap Jayanti महाराणा प्रताप की जयंती को सोशल मीडिया पर गुरूवार को मना ली गई जबकि मेवाड़ में महाराणा प्रताप की 479वीं जयंती 6 जून को मनाई जाएगी। दरअसल, गूगल और विकीपीडिया पर महाराणा प्रताप के जन्म की तारीख 9 मई लिखी हुई है। इस अनुसार लोग महाराणा प्रताप जयंती 9 मई को मानते हैं। जबकि मेवाड़ में महाराणा प्रताप जयंती तारीख से नहीं बल्कि तिथि अनुसार मनाई जाती है। वहीं, जयंती से पूर्व मेवाड़ में 7 दिवसीय कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं जिसमें हर व्यक्ति महाराणा प्रताप को नमन करता है। वहीं, महाराणा प्रताप से जुड़े स्थलों पर भी कार्यक्रम होते हैं और वहां पुष्प चढ़ाए जाते हैं।

परंपरागत तरीके से तिथि पर मनाई जाती है
महाराणा प्रताप स्मारक समिति सचिव युद्धवीर सिंह के अनुसार, हिन्दू पर्व तिथि से मनाए जाते हैं इसलिए महाराणा प्रताप जयंती भी हमेशा परंपरागत तरीके से तिथि के अनुसार मेवाड़ में मनाई जाती है। इस वर्ष 6 जून को महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाएगी। ये एक राष्ट्रीय पर्व है, इसका कोई एक दिन तय नहीं है, तिथि के अनुसार हर वर्ष अलग दिन पर ये मनाई जाती है।


जयंती पर होंगे सात दिवसीय कार्यक्रम
मेवाड़ क्षत्रिय महासभा एवं नगरनिगम के सहयोग से होने वाले महाराणा प्रताप जयंती के सात दिवसीय कार्यक्रम के संयोजक कमलेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि महाराणा प्रताप जयंती 6 जून को है और इसके आयोजन 30 मई से लेकर 5 जून तक होंगे और 6 जून को जयंती मनाई जाएगी। कार्यक्रमों के तहत शोभायात्रा निकलेगी जिसमें हर समाज का व्यक्ति जुड़ता है । वहीं, हर दिन किसी न किसी को समर्पित होता है जो महाराणा प्रताप की हरावल सेना में अग्रणी थे जैसे हकीम खां सूर, झाला मान, चेतक आदि। कार्यक्रमों में अश्व पूजन, महादेव की महाआरती भगवान एकलिंगनाथ को याद करते हुए भी होते हैं।

समान रूप से मनाई जानी चाहिए

डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू के अनुसार, हमारे जयंती मनाने की परंपरा नहीं थी, आयुर्वित्तं यानी घर का धन , गृहछिद्र यानी घर का छेद, भोजनभोग्यं-आदि नौ बातें हैं जिनके बारे में भेद नहीं होता । वीरविनोद के मध्यकाल तक राजाओं की जन्म तारीख ही नहीं लिखी गई। महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि तारीख से मनाई जा रही है और जो जयंती है वो जन्म तारीख से नहीं बल्कि तिथि से मना रहे हैं। इसलिए दोनों को एक ही तरह से या तो तारीख या फिर तिथि के अनुसार ही मनाई जानी चाहिए । अब मेवाड़ में ही दो तरह से मनाई जाने लगी है तो कहीं समानता होनी चाहिए। वैसे, तिथि के अनुसार ही जयंती और पुण्यतिथि मनाई जानी चाहिए। तिथि के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ शुक्ला तृतीया जो 6 जून को है, उस दिन महाराणा प्रताप जयंती है।

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