
मो .इलियास/ उदयपुर. दहेज के सामान से भरा महिला थाना अब शीघ्र ही शहर में मानव तस्करी विरोधी यूनिट में अपना नया आशियाना बनाएगा। पुलिस लाइन के बाहर स्थित इस भवन को लेकर सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है और वहां पर हवालात के निर्माण के साथ ही रंगरोगन का कार्य भी शुरू करने के आदेश जारी हो चुके है। वर्तमान में करीब 7 किलोमीटर दूर चित्रकूटनगर में स्थित इस थाने को लम्बे समय से शहर में ही लाने के लिए ससुरालजनों से प्रताडि़त महिलाओं के साथ ही सीएलजी सदस्यों ने भी कई बार मांग उठाई थी। शहर के मध्य महिला थाने के आने से पीडि़ताओं की परेशानियां कम होगी वहीं हर काम में शहर आने-जाने के लिए सरकारी खर्च व ईंधन भी बचेगा।
पूर्व में हाथीपोल थाना परिसर में ही संचालित महिला थाना वर्ष 2008 में चित्रकूटनगर में नए भवन में आया था। थाने के निर्माण के साथ ही शहर से दूरी होने के कारण पीडि़त महिलाओं के साथ ही कई तरह की परेशानियां बढ़ गई थी। तत्कालीन थानाधिकारियों के साथ ही वर्तमान अधिकारी चेतना भाटी ने भी अधिकारियों के समक्ष इस मांग को पुरजोर तरह से रखा। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने भी समय-समय पर महिलाओं की पीड़ा को उठाते हुए थाने को शहर में लाने संबंधी खबरे प्रकाशित की थी।
सब तरीके से मिलेगी निजात
- शहर से सात किलोमीटर की दूरी। सीधा आवागमन को कोई साधन नहीं। स्वयं के वाहन या किराए वाहन ही विकल्प, शहर से थाने तक आने का करीब दो सौ रुपए किराया
- एक बार थाने में रिपोर्ट आने के बाद परामर्श केन्द्र व थाने की काउंसलिंग में परिवादिया व उनके परिजनों करीब पांच से छह चक्कर। प्रति चक्कर में किराए व दिनभर की मशक्कत से सभी परेशान
- महिला के साथ ही केवल यह दिन का थाना था, यहां सुनसान जगह होने से रात में कोई नहीं आता।
- रात्रिकालीन में महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित थाना
- थाने की दूरी के कारण अनावश्यक ही अधिकारियों के पास महिला प्रताडऩा के परिवाद का अतिरिक्त बोझ
- न्यायालय, आईजी व एसपी कार्यालय से दूरी होने से अतिरिक्त खर्च
- पीडि़ताओं व परिजनों से बड़ी मिलेगी राहत
निर्माण कार्य चल रहा है
महिलाओं की पीड़ा का देखते हुए शीघ्र ही थाना मानव तस्करी विरोधी यूनिट में शिफ्ट किया जाएगा। अभी वहां पर हवालात निर्माण के अलावा अन्य कार्य चल रहे है।
राजेन्द्र प्रसाद गोयल, पुलिस अधीक्षक
Published on:
23 Aug 2017 08:26 pm
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