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VIDEO: आने वाली है मकर संक्रांति, बाजार में सजीं पतंगें, लुभा रही रंग-बिरंगी गेंदें और तिल के लड्डू

उदयपुर. दान पुण्य व उल्लास का पर्व मकर संक्रांति निकट आने के साथ ही बाजारों में व्यवसायियों ने सामग्री सजानी शुरू कर दी है।

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makar sankrati festival celebration in udaipur

उदयपुर . दान पुण्य व उल्लास का पर्व मकर संक्रांति निकट आने के साथ ही बाजारों में व्यवसायियों ने सामग्री सजानी शुरू कर दी है। पारंपरिक खेल सतौलिया व मारदड़ी के लिए रबर की रंग-बिरंगी गेंदें बाजार में पहुंच चुकी है, जो बच्चों और युवाओं को आकर्षित कर रही हैं। व्यवसायी दिलीप व हिमांशु ने बताया कि इस बार रबर के साथ स्पंज गेंदें खूब बिक रही है। 10 से लेकर 50 रुपए तक की गेंदें बाजार में बिक रही है। साथ ही बाजारों में भी विविध व्यंजन बिकने लगे हैं। इनमें खींच की कच्ची सामग्री से लेकर तिल से बने व्यंजन शामिल है।

व्यवसायी नरेश साहू ने बताया कि इस बार तिल के लड्डू 200 से 240, गजक 200 से 280, मूंगफली का चपड़ा 200 से 250, रेवड़ी 200 रुपए प्रतिकिग्रा की दर से बिक रहे हैं। पिंकसिटी की तर्ज पर मेवाड़ में भी पिछले कुछ वर्षों से पतंगें उडऩे लगी है। हालांकि मेवाड़ में मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा नहीं है। युवाओं को लुभाने के लिए रंग-बिरंगी पतंगें बिक्री के लिए उपलब्ध है। व्यवसायी विवेक ने बताया कि पर्व निकट आने के साथ ही पतंगों की डिमांड भी बढ़ी है।

READ ALSO: उदयपुर. प्रदेश में पिछले दिनों स्कूलों की छत गिरने की घटनाओं के बावजूद जिम्मेदारों की ओर से कुंभकर्णी नींद में रहने से जर्जर भवनों में हर पल डर के साये में पढ़ाई मजबूरी बनी है। कुछ इसी तरह का हाल औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र का है। आईटीआई में मैकेनिक- मोटर व्हीकल की कक्षा और वर्कशॉप जहां संचालित हो रही है, वह भवन इतना जर्जर हो चुका है कि कभी भी भरभराकर ढहने की आशंका है। यहां अनुदेशक व विद्यार्थियों में भय है कि कब कौनसा हिस्सा गिर जाए। यहां करीब 40 विद्यार्थियों की कक्षा व वर्कशॉप रोजाना लगती है। बकौल अनुदेशक व विद्यार्थी जरा भी लगे कि छत गिरने वाली है तो पढ़ाई और काम छोड़ बाहर भागना पड़ता है।