
उदयपुर . जनाना हॉस्पिटल के अधिकारी कर्तव्य के प्रति कितने लापरवाह हैं, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि बाल्टी में गिरने से नवजात की मौत संबंधी अभिभावकों के आरोप को लेकर जांच रिपोर्ट न तो तय समय पर तैयार की और ना ही पूरी बनाई। प्राचार्य डॉ डीपी सिंह ने इसे गम्भीरता से लेते हुए अधूरी रिपोर्ट फिर से हॉस्पिटल प्रशासन को लौटा दी।उल्लेखनीय है कि अधीक्षक डॉ मधुबाला चौहान ने इस मामले में डॉ सुशीला खोईवाल, उपाधीक्षक पूनम पोसवाल, नर्सिंग अधीक्षक एनम्मा टीसी को जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के लिए निर्देश दिए थे। करीब एक पखवाड़े के बाद सोमवार को आधी रिपोर्ट सौंप दी गई।
ये था मामला
पन्नाधाय चिकित्सालय में 28 अक्टूबर को सेमारी तहसील के ग्राम पंचायत भौराई की बसंती ने एक बच्चे को जन्म दिया। बसन्ती और उसके पति ने आरोप लगाया कि जब नवजात को हॉस्पिटल का स्टाफ इधर से उधर ले जा रहा था, तभी स्टाफ की लापरवाही से नवजात बाल्टी में गिर गया। उसके सिर पर चोट लगने से काफी खून बह गया। हालांकि स्टाफ नवजात को तत्काल आईसीयू में ले गए लेकिन तब तक उसने दम तोड दिया था।
सौंप दी जांच
हमने प्राचार्य को जांच सौंप दी है, जो भी निर्णय होगा, वहीं से होगा।
डॉ मधुबाला चौहान, अधीक्षक जनाना हॉस्पिटल उदयपुर
मुझे जो रिपोर्ट दी गई है, वह अधूरी थी, इसलिए मैंने इसे पुन: हॉस्पिटल को लौटा दिया है। हॉस्पिटल पूरी रिपोर्ट तैयार कर भेजेगा, इसके आधार पर निर्णय करेंगे।
डॉ. डीपी सिंह, प्राचार्य आरएनटी उदयपुर
Published on:
13 Nov 2018 05:53 pm
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
