
एमबी हॉस्पिटल : पहले दिन ही नजर आया रेजीडेंट हड़ताल का असर...हॉस्पिटल ने मांगे 50 डॉक्टर
भुवनेश पंड्या/उदयपुर. अजमेर मेडिकल कॉलेज में चल रहे मामले को लेकर उदयपुर में हुई रेजीडेंट हड़ताल का असर पहले दिन मंगलवार को ही नजर आया। हालांकि चिकित्सालय प्रशासन की ओर से सभी प्रोफेसर्स व वरिष्ठ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई, लेकिन वार्डों में चिकित्सकों की कमी भी अखरी। यहां दो या तीन चिकित्सकों की बजाय केवल एक चिकित्सक ने ही राउंड किया। अधीक्षक डॉ.लाखन पोसवाल ने बताया कि संयुक्त निदेशक चिकित्सा से हमने पीएचसी व सीएचसी से 50 चिकित्सक मांगे हैं। जल्द ही मिलने की संभावना है। पोसवाल ने बताया कि विभिन्न वार्डों में फिलहाल एक-एक चिकित्सकों से काम चलाया है, लेकिन जल्द ही व्यवस्थाएं बेहतर करेंगे। पहले दिन व्यवस्थाओं में किसी ऑपरेशन को नहीं टाला है, आउटडोर व आपातकालीन व्यवस्थाएं भी विशेष प्रभावित नहीं होने दी है।
220 अनुपस्थित,126 पहुंचे ड्यूटी पर
पहले दिन 220 रेजीडेंट अनुपस्थित रहे, जबकि 126 रेजीडेंट ड्यूटी पर रहे। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि सभी रेजीडेंट ने हड़ताल पर नहीं जाने का बांड भर रखा है। इसके बाद भी वे हड़ताल पर चले गए, जल्द ही यदि वे काम पर नहीं लौटते हैं तो कड़ी कार्रवाई करेंगे। सिंह ने बताया कि पीजी काउंसलिंग के समय पीजी छात्रों ने हड़ताल नहीं करने और हड़ताल में शामिल नहीं होने का शपथ पत्र दिया है। प्रदेश में आचार संहिता लगी हुई है। हड़ताल से मरीजों की चिकित्सा सेवा में भी परेशानी होगी। सिंह ने बताया कि सभी को निर्देशित कर दिया है कि जल्द ही कार्य पर लौट जाएं नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।
एसोसिएशन ने जताया विरोध
उदयपुर रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की ओर से अजमेर के राजकीय जनाना हॉस्पिटल में पुलिस अफसरों व पुलिस कर्मियों की ओर से बगैर अनुमति लेबर रूम में पहुंच प्रसव के दौरान महिला चिकित्सक को अकारण धमकाने व प्रसव निजता को भंग करने को लेकर यह निर्णय लिया गया है। अजमेर में रेजिडेंट चिकित्सक कई दिनों से कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। एसोसिएशन के डॉ. मुकेश खेदड़, डॉ. सीपी मुद्गल और डॉ. संजीव चौधरी ने बताया कि वहां प्रशासन के रवैये को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
Published on:
21 Nov 2018 08:51 pm
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